कभी खूबसूरती में दूसरों को टक्कर देती थीं टुनटुन, ऐसे बन गई थीं सिंगर से कॉमेडियन


नई दिल्ली: 50 के दशक में बॉलीवुड इंडस्ट्री को टुनटुन (Tun Tun) के रूप में पहली महिला कॉमेडियन मिली थीं. आज की पीढ़ी भले ही इस एक्ट्रेस के अभिनय से अनजान है लेकिन एक जमाने में टुनटुन का नाम सुनते ही हर किसी के चेहरे पर हंसी आ जाती थी. टुनटुन हमारे बीच नहीं रही हैं लेकिन उनके चाहने वाले आज उनका जन्मदिन मना रहे हैं. 11 जुलाई 1923 को यूपी के अमरोहा में टुनटुन का जन्म हुआ था. चलिए आज टुनटुन के जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें. 

खूबसूरती से देती थीं दूसरों को टक्टर:
50 के दशक में जब टुनटुन ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में कदम रखा था तो उनकी खूबसूरती के लाखों कायल थे. कई एक्ट्रेस को वो अपनी खूबसूरती से टक्कर भी देती थीं. 

23 साल की उम्र में छोड़ा घर:
टुनटुन ने अपनी जिंदगी में बचपन से ही काफी बुरा दौर देखा. माता-पिता और भाई की हत्या के बाद वो अकेली रह गईं. रिश्तेदारों ने उनका पालन-पोषण किया, टुनटुन को शुरू से ही संगीत में दिलचस्पी थी. 23 साल की उम्र में टुनटुन अपने घर से भागकर मुंबई पहुंच गईं. मुंबई पहुंच कर टुनटुन सीधा नौशाद अली के बंगले पर पहुंचीं और जोर-जोर से दरवाजा पीटने लगीं. टुनटुन से नौशाद से कहा अगर उन्होंने गाने का मौका नहीं दिया तो वो समुद्र में कूद जाएंगी. नौशाद ने टुनटुन का तब छोटा सा ऑडिशन लिया और उनकी आवाज को हरी झंडी दे दी. 

इस फिल्म में मिला गाने का पहला ब्रेक:
नौशाद जी को टुनटुन की आवाज पसंद आई और उस समय की फिल्म ‘वामिक अजरा’ में पहली बार गाने का उन्हें मौका मिला. ‘अफसाना लिख रही हूं’, ‘आज मची है धूम’ इन सभी पॉपुलर गानों में टुनटुन ने ही अपनी आवाज दी थी. टुनटुन का गायिकी का सफर तेजी से चल रहा था लेकिन फिर बहुत सी सिंगर उन्हें कॉम्पटिशन देने लगीं. टुनटुन के यहां से संगीत की दुनिया को अलविदा कह दिया. 

सिंगर से ऐसे बनीं कॉमेडियन:
50-60 के दशक में कई बड़ी सिंगर ने इंडस्ट्री में कदम रखा और टुनटुन का जलवा कम होने लगा. टुनटुन की डिमांड कम होता देख नौशाद ने उनसे कहा कि तुम फिल्मों में अभिनय क्यों नहीं करती . टुनटुन अभिनय के लिए तैयार हो गईं. 1950 में आई फिल्म ‘बाबुल’ से टुनटुन ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की. दिलीप कुमार के साथ टुनटुन को इस फिल्म में काम करने का मौका मिला. 

इन फिल्मों में आईं नजर: 
टुनटुन ने उस दौर के सभी बड़े सितारों के साथ काम किया. ‘एक पहेली’, ‘उपासना’, ‘गरम मसाला’, ‘अपराध’, ‘आंखों आंखों में’ जैसी कई शानदार फिल्मों में टुनटुन ने काम किया. अपने फिल्मी करियर में टुनटुन ने 200 से अधिक फिल्मों में काम किया. 

80 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा: 
23 नवंबर 2003 को टुनटुन ने आखिरी सांस ली. लंबी बीमारी के बाद 80 साल की उम्र में टुनटुन का निधन हो गया.

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