‘कोविड जिंदगी का अंत नहीं’, तमिलनाडु में 97 साल के बुजुर्ग ने कोरोना वायरस को दी मात


चेन्नई में 30 मई को कोरोना वायरस से संक्रमित बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती किया गया था.

चेन्नई:

Coronavirus: तमिलनाडु में कोविड-19 की चपेट में आए एक 97 साल के बुजुर्ग स्वस्थ हो चुके हैं. इस उम्र में कोरोना वायरस को हराने का तमालनाडु का यह शायद पहला मामला हो सकता है. पहले से अन्य बीमारियों से ग्रस्त इस बुजुर्ग व्यक्ति का चेन्नई के एक निजी अस्पताल में इलाज किया गया. उनके अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने तालियां बजाईं और शुभकामनाएं दीं.

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अस्पताल ने एक बयान में कहा कि बुजुर्ग को बुखार और सर्दी के साथ सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. इसके बाद 30 मई को उन्हें कावेरी अस्पताल में भर्ती किया गया था जहां टेस्ट करने पर वे कोविड-19 पॉजिटिव मिले. वे हाइपरटेंशन और ह्रदय रोगी पहले से हैं. 

कावेरी अस्पताल की सीनियर इन्फेक्शियस डिसीज स्पेशलिस्ट डॉ विजयलक्ष्मी बालाकृष्णन ने कहा कि ”वे धीरे-धीरे स्वस्थ हुए. पांच-छह दिन में वे अच्छे से चलने और बात करने लगे थे. जब वे घर गए तो हम सभी को बहुत अच्छा महसूस हुआ.”  उन्होंने कहा कि ”कोविड जिंदगी का अंत नहीं है. मौका हमेशा होता है. हम जंग जीत सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं. ”

तमिलनाडु में चेन्नई 14773 केसों के साथ कोरोना वायरस का एपिसेंटर बन चुका है. राज्य के कुल मरीजों में से 71 प्रतिशत चेन्नई में हैं. सर्वाधिक मरीजो का इलाज सरकारी अस्पतालों और सरकार द्वारा सचालित कोरोना केयर सेंटरों में चल रहा है. इन स्थानों पर बेडों की कमी रिपोर्टें हैं लेकिन सरकार इससे इनकार कर रही है. राज्य में वर्तमान में रिकवरी रेट 52 प्रतिशत और मृत्यु दर 0.9 प्रतिशत है.   

राज्य सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों की फीस निर्धारित कर दी है. असिम्टोमेटिक और सामान्य केसों में फीस 5000 रुपये प्रतिदिन है. गंभीर मामलों में फीस 9000 रुपये और आईसीयू में 15000 हजार रुपये प्रतिदिन है. सरकार गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को कोविड-19 के इलाज के लिए स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दे रही है. 



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