गणेशोत्सव को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने जारी की गाइडलाइंस, जानिए क्या होंगे नए नियम


नई दिल्ली: कोविड-19 के कारण उत्पन्न संक्रामक स्थिति के कारण महाराष्ट्र सरकार ने इस साल के गणेशोत्सव को सादगी से मनाने का निर्णय किया है. सरकार ने इसके लिए कुछ दिशानिर्देश दिए हैं.

ये सरकारी दिशानिर्देश गृह विभाग से एक परिपत्र के माध्यम से जारी किए गए हैं. गृह विभाग सभी से इसका पालन करने की अपील कर रहा है.

इसके त​हत सार्वजनिक गणेशोत्सव के लिए, सभी संबंधित सार्वजनिक गणेश मंडल को अपनी स्थानीय नीति के अनुसार नगर निगम/ स्थानीय प्रशासन से उचित पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है.

वहीं संक्रामक स्थिति को देखते हुए न्यायालय और नगर निगम के मंडपों के साथ-साथ संबंधित स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेशों के अनुसार सीमित संख्या में मंडप स्थापित किए जाने चाहिए. भगवान गणेश की मूर्ति सार्वजनिक बोर्ड के लिए 4 फीट और घरेलू गणेश के लिए 2 फीट होनी चाहिए.

वहीं इस वर्ष, पारंपरिक गणेश की मूर्ति के बजाय, घर में धातु के संगमरमर पर मूर्ति की पूजा की बात कही गई है. विसर्जन को लेकर कहा गया है कि अगर मूर्ति छायादार, पर्यावरण के अनुकूल है, तो इसका विसर्जन घर पर किया जाना चाहिए. वहीं अगर घर पर विसर्जन संभव नहीं है, तो विसर्जन पास के कृत्रिम विसर्जन स्थल पर किया जाना चाहिए. 

विज्ञापनों का प्रदर्शन भीड़ को आकर्षित न करे
सरकार ने कहा है कि यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि विज्ञापनों का प्रदर्शन भीड़ को आकर्षित नहीं करेगा. स्वास्थ्य और सामाजिक संदेशों के साथ विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए वरीयता भी दी जानी चाहिए. आरती, भजन, कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भीड़ नहीं होनी चाहिए और ध्वनि प्रदूषण के संबंध में नियमों और विनियमों का पालन किया जाना चाहिए.

ऑनलाइन केबल नेटवर्क वेबसाइट और फेसबुक आदि के माध्यम से श्रीगणेश की दर्शन सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की बात भी कही गई है. साथ ही गणपति मंडप में थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी हो.

कोविड -19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए, सरकारी सहायता और पुनर्वास, स्वास्थ्य, पर्यावरण, चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ-साथ संबंधित नगर पालिकाओं, पुलिस, स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। साथ ही, यदि इस परिपत्र के बाद और त्योहार के वास्तविक आरंभ के बीच कोई और नोटिस जारी किया जाता है, तो इसका अनुपालन किया जाना चाहिए.

ये भी देखें:





Source link