जब घर के बाहर टीवी सेट करके लोग देखते थे ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’


नई दिल्ली: छोटे पर्दे पर सास-बहू सागा को एक अलग ही लोकप्रियता हासिल है. 20 साल पहले टीवी सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी (Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi)’ से शुरू हुआ यह सफर अभी तक एक खास मुकाम पर है. ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ वह पहला डेली सोप था, जिसे प्राइम टाइम पर एयर करने की इजाजत मिली थी और आज सभी जानते हैं कि इस सीरियल ने लोकप्रियता के सभी रिकॉर्ड्स को तोड़कर इतिहास में नाम दर्ज करवा लिया है.

बेशुमार प्यार की बरसात
टीवी एंड फिल्म एक्टर हितेन तेजवानी आज भी इस शो से जुड़ी यादों को शेयर कर भावुक हो जाते हैं. 4 जुलाई को ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने 20 साल पूरे कर लिए हैं और यह शो आज तक फैंस की जुबान पर है. हितेन ने उस समय की बातों को याद कर कहा, ‘मैंने शो के शुरू होने के 4 साल बाद उसे ज्वाइन किया था. उस समय वह बहुत ही अच्छा चल रहा था और टीआरपी रेटिंग में टॉप पर भी. मेरे किरदार ‘करण’ को लोगों का बेशुमार प्यार हासिल हुआ था. मुझे याद है कि उस समय शो में मेरी एंट्री साहिल के दोस्त के तौर पर हुई थी और धीरे-धीरे मेरे और मिहिर के रिश्ते की बात खुली थी. मुझे इस शो का हिस्सा बनाने के लिए मैं एकता और बालाजी टेलीफिल्म्स का हमेशा आभारी रहूंगा. इस शो में काम करना काफी अच्छा और यादगार अनुभव रहा है. इतने प्यार के लिए मैं सभी का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा.’ 

घर-घर में छा गए थे मिहिर वीरानी
टीवी एक्टर रोनित रॉय आज भी इंडस्ट्री के सबसे सक्रिय एक्टर्स में से एक हैं. अपने मजबूत व्यक्तित्व और दमदार डायलॉग डिलीवरी के हुनर से वे फैंस के दिलों पर राज करते हैं. वे भी मानते हैं कि टीवी सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने उन्हें घर-घर में मिहिर वीरानी के तौर पर जो पहचान दी, वह शायद किसी दूसरे सीरियल से न मिल पाती. ऐसा बहुत कम होता है कि किसी शो के 20 साल बीत जाने के बाद भी उसके किरदारों को उन्हीं नामों से याद किया जाए. वे बताते हैं कि लोग आज भी उन्हें मिहिर के तौर पर पहचानते हैं. इस लोकप्रियता, विश्वास और प्यार के लिए वे एकता कपूर, बालाजी टेलीफिल्म्स और अपने सभी फैंस के हमेशा आभारी रहेंगे. इसी सीरियल में तुलसी वीरानी की भूमिका में नजर आ चुकीं कैबिनेट मिनिस्टर स्मृति ईरानी को भी लोग आज तक तुलसी के नाम से ही पुकारते हैं.

जब मुंहमांगी रकम से ज्यादा मिली थी…
एकता कपूर अपने सबसे लोकप्रिय शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से विशेष लगाव रखती हैं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उस समय की कई यादें शेयर की हैं. उन्होंने लिखा, ‘मैं इस शो के आइडिया को पिच करते समय बहुत नर्वस थी. मैं सबको समझाने की कोशिश कर रही थी कि सास-बहू ड्रामा टीवी पर बहुत चलेगा. मैं इस शो को बनाने के लिए इतनी उत्साहित थी कि 1 लाख में बात मनवाने की कोशिश कर रही थी…’. उसके बाद तरुण काटियाल ने उनकी मां शोभा कपूर को कॉल कर कहा था कि वे पैसों की बात करना चाहते हैं, जिस पर शोभा ने उन्हें बता दिया था कि वे 1 लाख से कम में नहीं बना पाएंगी… और फिर तरुण ने उनसे कहा था कि समीर नायर इस शो के लिए 1.40 लाख रुपये देना चाहते हैं. ऐसा पहली बार हुआ था कि अच्छी क्वॉलिटी के लिए चैनल एक्सट्रा पेमेंट करने के लिए तैयार था. 

 

गुजरात भूकंप के वक्त भी लोगों में था इस सीरियल का क्रेज
इस टीवी शो की लोकप्रियता और पहुंच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे इंडिया का ‘सॉफ्ट एंबेसडर’ कहा जाने लगा था. सिर्फ इतना ही नहीं, लोग इस शो को लेकर इतने क्रेजी थे कि वे खाना-पीना भूलकर भी इसके टेलीकास्ट के टाइम पर फ्री होकर टीवी के आगे बैठ जाते थे. गुजरात में आए जोरदार भूकंप के वक्त भी वहां इसकी लोकप्रियता को कोई आंच नहीं आई थी. तब अखबारों में इसके बारे में खबर छपती थी कि गुजरात में आए भूकंप के दौरान लोगों ने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ को देखने के लिए अपने टीवी सेट्स बाहर निकाल लिए थे. एकता शो के शुरुआती सालों को याद कर लिखती हैं कि उनकी पूरी टीम तब तकरीबन 18 घंटे तक इसी शो के लिए काम किया करती थी.

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