भारत-चीन तनाव के बीच पीएम मोदी अचानक लेह पहुंचे, सीडीएस जनरल रावत भी साथ

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 03 Jul 2020 10:36 AM IST

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भारत-चीन तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक लेह पहुंचे। साथ में सीडीएस विपिन रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का काफिला भी है। पीएम मोदी ने सीमा पर अग्रिम मोर्चे नीमू का जायजा लिया। वह अचानक ही आज सुबह लेह पहुंच गए थे। 

यहां पहुंचकर पीएम मोदी ने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात की। नीमू करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है जो सबसे कठिन परिस्थिति वाली जगह मानी जाती है। ये जगह जांस्कर रेंज से घिरी हुई है।

राजनाथ का लद्दाख दौरा हुआ था स्थगित
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का लद्दाख दौरा गुरुवार को स्थगित हो गया था। वे शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के साथ लद्दाख जाने वाले थे। लद्दाख में रक्षा मंत्री को चीनी सेना के साथ सीमा पर गतिरोध के मद्देनजर भारत की सैन्य तैयारियों का जायजा लेना था। अब उनके कार्यक्रम को दोबारा तैयार किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें- एलएसी पर चीन के साथ बढ़ा तनाव, पश्चिमी मोर्चे पर भी सतर्क हुई भारतीय सेना

अगर रक्षा मंत्री शुक्रवार को लद्दाख जाते तो भारत-चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध के दौरान उनका पहला लद्दाख दौरा होता। उनके साथ थलसेनाध्यक्ष नरवणे भी जाने वाले थे। बता दें कि नरवणे कुछ दिन पहले ही लद्दाख दौरे से लौटे हैं। माना जा रहा था कि राजनाथ सिंह के दौरे का मकसद सैनिकों का मनोबल बढ़ाना था।

इससे पहले सेना प्रमुख ने 23 और 24 जून को लद्दाख का दौरा किया था। जनरल नरवणे ने जवानों को सम्मानित करते हुए उनका हौसला बढ़ाया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली आकर रक्षा मंत्री को हालात की जानकारी दी थी। बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच मंगलवार को चुशुल सेक्टर में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी।

भारत-चीन तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक लेह पहुंचे। साथ में सीडीएस विपिन रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का काफिला भी है। पीएम मोदी ने सीमा पर अग्रिम मोर्चे नीमू का जायजा लिया। वह अचानक ही आज सुबह लेह पहुंच गए थे। 

यहां पहुंचकर पीएम मोदी ने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात की। नीमू करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है जो सबसे कठिन परिस्थिति वाली जगह मानी जाती है। ये जगह जांस्कर रेंज से घिरी हुई है।

राजनाथ का लद्दाख दौरा हुआ था स्थगित

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का लद्दाख दौरा गुरुवार को स्थगित हो गया था। वे शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के साथ लद्दाख जाने वाले थे। लद्दाख में रक्षा मंत्री को चीनी सेना के साथ सीमा पर गतिरोध के मद्देनजर भारत की सैन्य तैयारियों का जायजा लेना था। अब उनके कार्यक्रम को दोबारा तैयार किया जा रहा है।

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अगर रक्षा मंत्री शुक्रवार को लद्दाख जाते तो भारत-चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध के दौरान उनका पहला लद्दाख दौरा होता। उनके साथ थलसेनाध्यक्ष नरवणे भी जाने वाले थे। बता दें कि नरवणे कुछ दिन पहले ही लद्दाख दौरे से लौटे हैं। माना जा रहा था कि राजनाथ सिंह के दौरे का मकसद सैनिकों का मनोबल बढ़ाना था।

इससे पहले सेना प्रमुख ने 23 और 24 जून को लद्दाख का दौरा किया था। जनरल नरवणे ने जवानों को सम्मानित करते हुए उनका हौसला बढ़ाया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली आकर रक्षा मंत्री को हालात की जानकारी दी थी। बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच मंगलवार को चुशुल सेक्टर में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी।





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