Home Breaking News Hindi भारत में इसलिए नहीं मची यूरोप और अमेरिका जैसी तबाही, PMO ने...

भारत में इसलिए नहीं मची यूरोप और अमेरिका जैसी तबाही, PMO ने दी जानकारी

- Advertisement -


नई दिल्ली : कोविड-19 (Covid-19) का प्रभावी टीका (Vaccine) विकसित करने के लिए दुनियाभर में जारी प्रयासों के बीच सरकार ने शनिवार को कहा कि भारत में वायरस के जीनोम संबंधी दो अध्ययनों में पाया गया है कि यह आनुवांशिक रूप से स्थिर है और इसके स्वरूप में कोई बड़ा बदलाव (म्यूटेशन) नहीं आया है.

कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि कोरोना वायरस के स्वरूप में बड़ा बदलाव होने से इसका प्रभावी टीका बनाने में बाधा पैदा हो सकती है. हालांकि, कुछ हालिया वैश्विक अध्ययनों में सामने आया है कि वायरस के स्वरूप में आने वाले हालिया बदलावों से कोविड-19 के लिए इस समय विकसित किए जा रहे टीकों पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए.

कोरोना वैक्सीन का अपडेट
कोविड-19 वैश्विक महामारी की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक बयान में कहा कि भारत में तीन टीके विकास के उन्नत चरणों में हैं, जिनमें से दो टीके दूसरे चरण और एक टीका तीसरे चरण में है.

पीएमओ ने कहा, ‘आईसीएमआर और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) द्वारा सार्स-कोव-2 (कोविड-19 वायरस) के जीनोम पर किए गए दो अखिल भारतीय अध्ययनों में पाया गया है कि वायरस आनुवांशिक रूप से स्थिर है और इसके स्वरूप में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है.’

ICMR की स्टडी जारी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने पिछले महीने कहा था कि भारत में कारोना वायरस के ‘स्ट्रेन’ में कोई बड़ा या महत्वपूर्ण बदलाव नहीं पाया गया है. उन्होंने कहा था कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) पिछले कुछ महीनों के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर जुटाए गए ‘स्ट्रेन’ (वायरस के स्वरूप) का बड़े पैमाने पर अध्ययन करने में जुटा हुआ है. उन्होंने कहा था कि वायरस के स्वरूप में बदलाव के संबंध में अक्टूबर के शुरू में जानकारी उपलब्ध होगी .

PMO का ब्लू प्रिंट तैयार
पीएमओ ने एक बयान में कहा कि ‘नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19’ (NEGVAC) ने राज्य सरकारों और सभी प्रासंगिक हितधारकों के साथ मिलकर टीकों के भंडारण, वितरण और उसे लगाने के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट  तैयार किया है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में निर्देश दिया कि देश की भौगोलिक स्थिति और विविधता को ध्यान में रखते हुए टीकों तक पहुंच शीघ्र सुनिश्चित की जानी चाहिए. इसलिए विशेषज्ञ समूह राज्यों के साथ विचार-विमर्श करके टीकों संबंधी प्राथमिकता और वितरण पर सक्रियता से काम कर रहा है.

LIVE TV
 





Source link

- Advertisement -
- Advertisment -

Most Popular

लव जेहाद: नाम बदलकर नाबालिग हिंदू लड़की को फंसाने वाला शादीशुदा मुस्लिम शख्स गिरफ्तार

लड़की के परिजनों का कहना है कि इस शख्स ने उनकी बेटी को अपना नाम राहुल बताया और सब्जी बेचते-बेचते उससे दोस्ती कर...

IPL 2020 – Must-win game for KXIP and SRH

The Kings XI Punjab (KXIP) will be squaring off against the...

अमेजन के प्रतिनिधि 28 अक्टूबर को पेश नहीं हुए तो संसदीय समिति करेगी कार्रवाई: मीनाक्षी लेखी

नई दिल्ली: ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) का कोई प्रतिनिधि अगर 28 अक्टूबर को संसद (Parliament) की एक संयुक्त समिति (joint Committee) के सामने...