लॉकडाउन की वजह से अप्रैल में 12 करोड़ 20 लाख लोगों की गईं नौकरियां : रिपोर्ट


प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

कोरोनावायरस संकट (Coronavirus Crises) के दौरान देशभर में लॉकडाउन की वजह से अप्रैल में 12 करोड़ 20 लाख लोगों की नौकरियां गईं. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनामी (CMIE) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में ये बात कही है. हालांकि संस्था ने कहा है कि मई 24 तक लॉकडाऊन से छूट की वजह से करीब 2 करोड़ नौकरियों के अवसर वापस आए हैं. हालांकि मई 24 तक अब भी रोज़गार के अवसर 10 करोड़ 20 लाख कम हैं. यानी बेरोज़गारी एक बड़ी चुनौती बानी हुई है. कोरोनावायरस संकट के दौरान आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में लाखों मज़दूरों का पलायन और उनकी व्यथा इस संकट का पहचान सी बन गयीं हैं. भारतीय अर्थव्यवस्था पर नज़र रखने वाली संस्था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनामी ने अपने ताज़ा आंकलन में दावा किया है कि देश में किस प्रकार बेरोज़गारी का संकट बढ़ा है.

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अप्रैल महीने में में लॉकडाउन की वजह से 12 करोड़ 20 लाख लोग बेरोज़गार हुए. इनमें सबसे ज्यादा नुकसान छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मज़दूरों को हुआ. लॉकडाउन में छूट से मई महीने में अब तक 2 करोड़ लोग रोज़गारों की सूची में शामिल हुए हैं हालांकि मई 24 तक अब भी रोज़गार के अवसर 10 करोड़ 20 लाख कम हैं.

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनामी (CMIE) के इंस्टीट्यूशनल बिज़नेस हेड प्रभाकर सिंह ने एनडीटीवी से कहा, “मैं राहत तो नहीं कहूंगा लेकिन मई के आंकड़ों में थोड़ा इम्प्रूवमेंट दिख रहा है. एम्प्लॉयमेंट रेट में 2% सुधार है, यानी 20 मिलियन जॉब रिपेयर हुए हैं. जॉब लॉस का नंबर 122 मिलियन से घटकर 102 मिलियन हो गया है.”

CMIE के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2020 में बेरोज़गारी दर 7.20 % थी जो फरवरी 2020 में बढ़कर 7.78% हुई. फिर लॉकडाउन की वजह से मई के पहले हफ्ते में बढ़कर अप्रत्यशित 27.1 % और अब 24 मई को मामूली सुधार के बावजूद 24.3 % रिकॉर्ड किया गया है. CMIE ने रिपोर्ट में कहा है कि मई 24 तक बेरोज़गारी दर 24.3% है जो लॉकडाउन के दौरान जो 8 हफ्ते तक औसत बेरोज़गारी दर थी उसके आसपास ही है. साफ़ है, बेरोज़गारी के मोर्चे पर संकट बना हुआ है.

प्रभाकर सिंह ने आगे कहा– “ऐसा नहीं है कि चीज़ें सामान्य हो गई हैं. स्थिति अब भी एक स्तर पर भयावह है. पिछले 2 महीने के मुकाबले थोड़ा सुधार देखने को मिल रहा है. लेकिन इस सुधार से बिलकुल ये निष्कर्ष नहीं निकलना चाहिए की समस्या छोटी हो गई है.” 

अप्रैल में लॉकडाउन के दौरान कुल 12.2 करोड़ नौकरियों का नुकसान हुआ है : प्रभाकर सिंह



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