Friday, August 14, 2020
Home Breaking News Hindi विकास दुबे की संपत्तियों और लेन देन की जांच करेगा ईडी, SIT...

विकास दुबे की संपत्तियों और लेन देन की जांच करेगा ईडी, SIT का भी गठन

- Advertisement -


नई दिल्ली: कुख्यात अपराधी विकास दुबे की संपत्तियों और लेनदेन की जांच करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तैयार है. गैंगस्टर से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से दो महाराष्ट्र और दो मध्य प्रदेश में पकड़े गये.

पुलिस हिरासत से कथित तौर पर भागते समय विकास को शुक्रवार को पुलिस ने कानपुर के निकट मार गिराया था. शनिवार को उसकी पत्नी और बेटा विकास की अंत्येष्टि के बाद लखनऊ स्थित घर आ गये.

पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. कानपुर के बिकरू गांव में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) तैनात की गई है. पुलिस के वाहनों ने पूरे इलाके को घेर रखा है. स्थानीय लोगों से पुलिस अपील कर रही है कि वे विकास के बारे में जो भी जानकारी रखते हैं, उसे बताने के लिए आगे आयें. 3 जुलाई को बिकरू गांव में ही विकास ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी.

ये भी पढ़ें: कानपुर एनकाउंटर: अब SIT खोलेगी विकास दुबे और उसके करीबियों का काला चिट्ठा

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर नगर में घटित घटना के सम्बन्ध में शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त प्रकरण की जांच विशेष अनुसंधान दल से कराने का शनिवार को निर्णय लिया.

विकास के खिलाफ हत्या के आठ मामलों सहित 61 आपराधिक मामले दर्ज थे. अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया है.

अवस्थी ने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक हरिराम शर्मा तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक जे रवीन्द्र गौड़ को एसआईटी का सदस्य नामित किया गया है. उन्होंने बताया कि विशेष अनुसंधान दल प्रकरण से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं और प्रकरण की गहन जांच सुनिश्चित करते हुए 31 जुलाई, 2020 तक जांच रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगा.

अवस्थी ने बताया कि कानपुर नगर में घटित घटना के संबंध में जांच में उसके खिलाफ दर्ज मामले, की गयी कार्रवाई, जमानत निरस्तीकरण की दिशा में की गयी कार्रवाई जैसे बिन्दु शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि जांच में पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में आये कारणों जैसे अभियुक्त विकास दुबे के विरूद्ध जितने भी अभियोग प्रचलित है, उन पर अब तक क्या प्रभावी कार्रवाई की गयी? इसके तथा इसके साथियों को सजा दिलाने हेतु की गई कार्रवाई क्या पर्याप्त थी? इतने विस्तृत आपराधिक इतिहास वाले अपराधी की जमानत निरस्तीकरण की दिशा में क्या कार्रवाई की गई, जैसे बिन्दु प्रमुखता से शामिल हैं.

उन्होंने बताया कि एसआईटी यह जांच भी करेगी कि अभियुक्त विकास दुबे तथा उसके साथियों के विरूद्ध गैंगेस्टर एक्ट, गुण्डा एक्ट, एनएसए आदि अधिनियमों के अन्तर्गत क्या कार्रवाई की गयी तथा यदि कार्रवाई किये जाने में लापरवाही रही तो किस स्तर पर लापरवाही रही?

उधर महाराष्ट्र पुलिस के एसटीएस ने ठाणे से दो लोग पकड़े हैं. एक विकास का सहयोगी अरविन्द उर्फ गुड्डन राम विलास त्रिवेदी है जो तीन जुलाई को पुलिसकर्मियों पर घात लगाकर किये गये हमले में कथित तौर पर शामिल था. दूसरा उसका ड्राइवर सुशील कुमार उर्फ सोनू तिवारी है.

एटीएस के पुलिस अधीक्षक विक्रम देशमाने ने बताया कि अरविन्द और सोनू पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद फरार हो गये थे. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में उत्तर प्रदेश पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने विकास के दो सहयोगियों शशिकांत पांडेय और शिवम दुबे को कथित तौर पर शरण दी थी. समझा जाता है कि तीन जुलाई को पुलिसकर्मियों की हत्या में ये दोनों भी शामिल थे.

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पकड़े जाने से पहले विकास लगातार पुलिस से बचकर भाग रहा था. नौ जुलाई को उसे महाकाल मंदिर से पकड़ा गया और उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानपुर के निकट अगली सुबह उसे मार गिराया. पुलिस का दावा है कि विकास को लेकर जा रहा वाहन अचानक पलट गया था, जिसके बाद विकास ने भागने का प्रयास किया और फिर मारा गया.

इधर पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल को प्रवर्तन निदेशालय से एक पत्र मिला है, जिसमें उनसे विकास दुबे, उसके परिवार वालों और सहयोगियों के नाम संपत्तियों की विस्तृत सूचना जल्द से जल्द मुहैया कराने को कहा गया है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि पत्र में कहा गया है कि ईडी ने विकास के निवेश को लेकर जांच शुरू की है. पुलिस महानिरीक्षक से उसकी चल अचल संपत्ति का ब्यौरा मुहैया कराने को कहा गया है.

अधिकारी ने बताया कि पत्र सोमवार छह जुलाई को लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि ऐसी बात संज्ञान में आयी है कि कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी विकास ने कई साल तक आपराधिक वारदात कर अपने और परिवार एवं सहयोगियों के नाम संपत्ति बनायी.

उन्होंने बताया कि ईडी धन की हेराफेरी कानून के तहत उसकी संपत्तियों की जांच करेगा. ईडी ने आईजी से विकास, उसके परिवार वालों और नजदीकी लोगों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की सूची भी मांगी है.

ईडी ऐसे लोगों का पता लगा रहा है, जिन्होंने विकास के जरिए संपत्तियों में निवेश किया. ईडी अन्य एजेंसियों से विकास और उसके साथ के लोगों की संभावित अघोषित विदेशी संपत्तियों का भी पता लगा रहा है.

गांव के लोग घरों में कैद रहे-

इस बीच, बिकरू गांव में अधिकांश लोग घरों में ही कैद रहे. लगभग 60 पुलिसकर्मी विकास के घर के बाहर तैनात हैं. पुलिस ने स्थानीय लोगों से कहा है कि वे पुलिसकर्मियों से हथियार छीनने वालों की सूचना 24 घंटे में देने के लिए आगे आयें अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

कानपुर के जेल अधीक्षक आर के जायसवाल ने बताया कि विकास की पत्नी रिचा और उसकी नौकरानी को कोरोना महामारी के चलते जिला जेल या बिकरू के निकट चौबेपुर की अस्थायी जेल नहीं ले जाया गया.

उधर पीपुल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज ने विकास और उसके दो साथियों के मारे जाने की घटना की एसआईटी जांच के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. उसका कहना है कि गैंगस्टर से मुठभेड़ को लेकर पुलिस जो बातें कह रही है, उससे कई गंभीर सवाल पैदा होते हैं.

संगठन ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह अपराधियों और नेताओं के बीच सांठगांठ और मुठभेड़ों की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाये. (इनपुट: भाषा एजेंसी)





Source link

- Advertisement -
- Advertisment -

Most Popular

India welcomes UAE-Israel deal on normalisation of ties

India has welcomed the deal between Israel and UAE on the...

इस वजह से टूट गए थे Shammi Kapoor, इन दो शख्स के कारण हुए थे धार्मिक

नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता शम्मी कपूर (Shammi Kapoor) की पुण्यतिथि पर उनके चाहने वालों के लिए ये जानकारी काफी दिलचस्प होगी....

एक्सीडेंट के बाद थी बिस्तर पर लड़की, सोनू सूद ने की मदद तो फिर बढ़ाया कदम

नई दिल्ली: 22 साल की एक लड़की की जिंदगी बिस्तर पर पड़े रहकर ही कट रही थी क्योंकि एक दुर्घटना का शिकार होने...