भगवान को सन्यास लिए हुए चार साल पूरे

16 नवंबर 2013 का वह सन्नाटे सी उलझन लिए हुए दिन, खचाखच भरे वानखेड़े स्टेडियम की सांसे थमी हुईं, निगाहें मैदान पर जमी हुईं। ऐसा लग रहा था जैसे मौन सबको एक दम निगल गया हो, मन फफक-फफक कर रोने के लिए बेताव और समूचा खेल गजत उदास। यह वह पल था जब क्रिकेट का भगवान क्रिकेट को अलविदा कहने वाला था। सचिन ने झुककर मैदान की मिट्टी को छुआ और हाथ हिलाकर सभी खेल प्रेमियों का शुक्रिया अदा किया। यह उसका आखिरी सलाम था। पता नहीं कितने ही खेल प्रेमियों का मन किया होगा कि वह भाग कर जाकर सचिन का हाथ पकड़ लें और उसको वहीं रोक लें हमेशा के लिए। पर ऐसा न हो सका। स्टेडियम आखिरी बार सचिन-सचिन के नारों से गूंज रहा था और विराट कोहली, माही सचिन को कंधो पर उठाए मैदान का चक्कर लगा रहे थे।

क्रिकेट के भगवान मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने आज से चार साल पहले आज ही के दिन इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था। 16 नवंबर 2013 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर ही तेंदुलकर का 24 साल लंबा इंटरनेशनल करियर खत्म हुआ था। सचिन ने अपने रिटायरमेंट की चौथी सालगिरह पर एक खास फोटो शेयर की है, जिसमें विराट कोहली और महेंद्र सिंह धौनी ने उन्हें कंधे पर उठा रखा है और तेंदुलकर के हाथ में तिरंगा है। और उन्होंने लिखा है, “ये दिन शायद मेरे करियर का सबसे मुश्किल दिन था। लेकिन मैंने कभी भी अकेला महसूस नहीं किया। मेरा देश, टीम और परिवार हमेशा मेरे साथ रहा।”

सचिन का क्रिकेट करियर 24 साल तक चला। सचिन ने 15 नवंबर 1989 को अपने करियर की शुरुआत की थी और 16 नवंबर 2013 को करियर का आखिरी मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। जिसमें सचिन ने 74 रनों की शानदार पारी खेली थी। वेस्टइंडीज के होने वाली दो मैचों की सीरीज 2-0 से जीतने के साथ ही तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। सचिन ने अपनी आखिरी पारी में 74 रन बनाए थे। सचिन के रिटायरमेंट के चार साल पूरे होने के मौके पर ट्विटर में #28YearsOfSachinism ट्रेंड कर रहा है।