छह साल से यौन उत्पीड़न का शिकार हो रहीं एयर होस्टेस ने मोदी सरकार से न्याय के लिए लगाई गुहार

नई दिल्‍ली: क्या कोई इतना ज्याद हैवानियत की हद तक जा सकता है कि वह किसी महिला को छह साल तक यौन उत्पीड़न कर प्रताड़ित करें. जी हां, ऐसे भी इंसान है इस दुनिया में जो ऐसे काम को अंजाम देते है.

क्या है मामला

आपको बता दें कि एयर इंडिया की एक एयर होस्टेस को एयर इंडिया के सीनियर एग्‍जक्‍यूटिव बीते छह सालों से यौन उत्पीड़न करने के साथ-साथ उसको प्रताड़ित भी कर रहा है. छह साल से यौन उत्पीड़न का शिकार हो रहीं इस एयरहोस्टेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुरेश प्रभु से मदद की सिफारिश की है. पीड़िता का कहना है कि उसने न्‍याय पाने के लिए एयरलाइन्स के तमाम मंच पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई थी, पर उसे एयरलाइन द्वारा कोई सपोर्ट नहीं मिला.

वहीं पत्र में लिखा कि उसका सिस्टम से भरोसा पूरी तरह से उठ गया है. इस यौन उत्पीड़न की शिकायत करने पर ना उसे कानून से कोई प्रोटेक्शन मिला ना ही उसकी शिकायत की कोई जांच हुई है. जब पीड़िता यौन प्रताड़ना से टूट चुकी तो उसने आखिर 25 मई को नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु को पत्र लिखकर न्‍याय दिलाने की मांग की अपील की है. वहीं उसने इस पत्र की एक कॉपी प्रधानमंत्री मोदी जी को भी भेजी है, और न्‍याय की गुहार लगाई है.

इस पत्र में एयरहोस्टेस ने यह भी लिखा है कि छह सालों से वह यौन उत्‍पीड़न, प्रताड़ना और भेदभाव का शिकार हो रही है. सीनियर एग्जिक्‍यूटिव उसके साथ अश्लील और आपत्तिजनक कृत्‍य करता है. वह ऑफिस में काम करने वाली महिला को शराब पीने के लिए भी मजबूर करता है. इस मजबूर हो रहीं महिलाओं में वह खुद भी शामिल है. अगर कोई भी इस का विरोध करती है तो उनको अपनी पोजीशन और विशेषाधिकार से भी वंचित करने की धमकी देता है.

आठ महीने तक नहीं हुई शिकायत पर सुनवाई

एयरहोस्टेस ने आरोप लगाया है कि उसके साथ हो रहें इस मामले की शिकायत एयरलाइंस प्रबंधन को सितंबर 2017 में दी थी. पर इस मसले पर एयरलाइंस प्रबंधन ने कई वक्त से कोई कार्यवाही नहीं की है. इस बवजूद भी उसने एयरलाइंस के सीएमडी को भी पत्र लिखा, लेकिन नतीजा फिर भी कुछ नहीं मिला. वहीं उसके खिलाफ एयरलाइंस में तरह-तरह की अफवाहें उड़ाना शुरू हो गई. जो उसके लिए बहुत दुखद खबर साबित हो रहीं थी. ये अफवाहें सीधे तौर पर उसके चरित्र को चोंट पहुंचाने वाली थीं. उसने न्‍याय पाने के लिए कानून में निर्धारित सभी नियमों का अक्षरश: पालन किया, बावजूद इसके उसको कहीं से भी न्‍याय नहीं मिला. वहीं उसने एयरलाइन्स की वूमन सेल पर भी आरोप लगाया है, की इस मामले में कार्यवाही करने की जगह फाइल को दबा दिया. उसने यह भी कहा की जिन अधिकारियों पर न्‍याय दिलाने की जिम्मेदारी है वह आरोपी सीनियर एग्‍जक्‍यूटिव के हित में खड़ें हुए है.

सुरेश प्रभु ने ट्वीटर पर दी जानकारी

वहीं नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने एयरहोस्टेस की इस शिकायत पर ट्वीटर पर जानकारी दी कि उन्‍होंने इस मसले पर एयर इं‍डिया के सीएमडी को जांच करने के लिए बोला है. वहीं उन्होंने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर मामले के लिए जांच कमेटी का गठन कर दिया जाए.