सीलिंग के मुद्दे पर आमने-सामने आये अरविंद केजरीवाल और मनोज तिवारी

देश की राजधानी दिल्ली में सीलिंग के मुद्दे पर घमासान जारी है. कल दिल्ली के व्यापारियों ने घोषणा की थी कि वो लोग सीलिंग के विरोध में 2 और 3 फरवरी को दिल्ली बंद रखेंगे. व्यापरियों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई थी. उनका ये भी कहना है कि कन्वर्जन चार्ज की वसूली के बाद भी उनके बेसमेंट को बंद किया जा रहा है और दुकाने सील की जा रही हैं.

आज सीलिंग के इसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बीजेपी नेता मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पहुंचे थे. लेकिन दोनों नेता किसी निष्कर्ष पर पहुँचते इससे पहले उनके बीच बहस हो गई. जिस्केर बाद सांसद मनोज तिवारी के नेतृत्व में बीजेपी नेता केजरीवाल के घर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं.

बनने से ज़्यादा बिगड़ गयी बात

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चर्चा बंद कमरे में न होकर मीडिया के सामने हो, और उसके बाद जो सहमति बनेगी उसे लेकर एलजी के पास जाएंगे. वहीं केजरीवाल के इस तर्क पर भाजपा का कहना है कि हम आपसे चर्चा के लिए आए थे, आपने मीडिया को क्यों बुलाया. बीजेपी के नेताओं का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई है और बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई है. शिकायत के बाद पुलिस विजेंद्र गुप्ता और एक अन्य बीजेपी नेता को जांच के लिए अस्पताल ले गई है.

गौरतलब है कि दिल्ली में सीलिंग के मुद्दे पर बीजपी और आम आदमी पार्टी के बीच जमकर राजनीति हो रही है. दोनों ही पार्टियां सीलिंग की ज़िम्मेदारी एक दूसरे पर डालकर व्यापारियों और आम जनता के गुस्से से बचना चाहती हैं.

दोनों का मक़सद है ज़िम्मेदारी से बचना

इसी राजनीती के तहत सोमवार शाम को पहले बीजपी ने मीडिया को न्यौता भेजा और कहा कि ’30 जनवरी सुबह 9 बजे दिल्ली बीजपी अध्यक्ष मनोज तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के मुख्यमंत्री के निवास स्थान सिविल लाइन्स पहुंचेगा. सीलिंग मुद्दे के समाधान पर चर्चा करने और उनको इस मामले में उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराने’.

फिर इसके कुछ ही देर बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को चिट्ठी लिखी और कहा कि ‘मुझे बीजपी के रविन्द्र गुप्ता ने एक पत्र लिखा है जिसमें लिखा है कि मनोज तिवारी जी के नेतृत्व में दिल्ली बीजपी के सभी सांसद,सभी विधायक, सभी मेयर और महासचिव सीलिंग के मुद्दे पर चर्चा करने सुबह 9 बजे मेरे निवास पर आ रहे हैं. चूंकि ये मामला सीधे सीधे आपके अधिकार क्षेत्र में आता है तो मैं सुबह 9:30 बजे इन सबको और आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों और पार्षदों को लेकर आपसे मिलने आता हूँ.’

अब देखना ये है कि इस आरोप-प्रत्यारोप और हाई वोल्टेज ड्रामा के बीच आम आदमी और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा. ये पार्टियां सिर्फ राजनीती ही जानती हैं या फिर सही से राज करने का हुनर भी सीख पायी हैं.