Saturday, August 8, 2020
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कोरोना संक्रमण रोकने के लिए लौंग का किस प्रकार सेवन करना चाहिए?

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बीमारी के साथ दवाई और इलाज के साथ एक चीज़ फ्री आती है वो है सलाह. खुदा न खास्ता अगर आपके शरीर पर एक छोटा-सा फोड़ा भी हो गया, तो कसम लालकिले की, उसके पचहत्तर इलाज आपको बता दिए जाएंगे। अब यही हो रहा है कोरोना वायरस के साथ. जब से इसके भारत पहुंचने की ख़बर आई है, लोग इसके इलाज शेयर करने में लग गए हैं। यह सही है कि अस्थमा, मधुमेह और फेफड़ों से जुड़ी कई दिक्कतों में लौंग का इस्तेमाल राहत देता है। इसमें मैगनीज, फाइबर, विटामिन सी और के भरपूर होते हैं।

यह श्वास नली को खोलने और सूजन व दर्द के साथ बैक्टीरिया के कारण होने वाले फेफड़ों के संक्रमण में राहत देता है पर कोरोना का लौंग से भी बचाव होता है, अभी ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है पर आप सर्दी-खांसी जैसी समस्या के निवारण के लिए लौंग असरकारी दवा है। लौंग में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक जैसे कई गुण पाए जाते हैं। यदि सर्दी-खांसी बहुत ज्यादा हो रही है तो एक दो लौंग हमेशा मुंह में रखने चाहिए, जिससे गले की खराश भी खत्म हो जाती है। इसके अलावा लौंग वाली काली चाय का भी सेवन किया जा सकता है।

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जिससे शरीर में गर्माहट बढ़ती है। लौंग शरीर में शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। लौंग में विटामिन के अलावा अन्य मिनरल्स जैसे जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं। मधुमेह के रोगियों को गर्म पानी में 5-6 लौंग डालकर रख देना चाहिए और इन पानी को ठंडा होने पर दिनभर पीना चाहिए। इससे डायबिटीज नियंत्रित रखने में काफी मदद मिलती है।

लौंग में यूजेनिया नाम का एक प्रमुख तत्व भी पाया जाता है जो शरीर के किसी भी हिस्से में आई सूजन को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा गले व मसूड़ों में होने वाले दर्द, टांसिल्स आदि की समस्या भी इससे नियंत्रित हो जाती है। लौंग में मौजूद एंटी इंफ्लेमेट्री गुण, कैनडिडा नाम के फंगस से लड़ने में मदद करता है। इसके लिए सूजन या दर्द वाली जगह पर लौंग के तेल को लगाने या हल्की मालिश करने से काफी राहत मिलती है।

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यह भी पढ़ें :क्या मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं है कोरोना को मात देने में कारगार?

लौंग के इस्तेमाल में अस्थमा की बीमारी भी नियंत्रित रहती है। अस्थमा एक जानलेवा बीमारी है, जो सीधे हमारी श्वसन नलिका को प्रभावित करती है। ज्यादा मेहनत काम करने या दौड़ने व चलने से मरीज की सांस फूलने लगती है। ऐसे मरीजों को लौंग हमेशा अपने पास ही रखना चाहिए क्योंकि श्वसन तंत्र को लौंग तत्काल सक्रिय करता है और सांस लेने में हो रही दिक्कत भी दूर करता है। इसके अलावा मतली, जोड़ों में दर्द, कान दर्द, मुंहासे दूर करने में भी लौंग सहायक होता है।

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