लद्दाख मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी में ‘ट्वीट वार’, जेपी नड्डा ने इशारों-इशारों में गांधी परिवार पर यूं साधा निशाना..

लद्दाख मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी में ‘ट्वीट वार’, जेपी नड्डा ने इशारों-इशारों में गांधी परिवार पर यूं साधा निशाना..

जेपी नड्डा ने लद्दाख संघर्ष के मुद्दे पर सिलसिलेवार ट्वीट किए हैं

नई दिल्ली:

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों (Indian and Chinese Soldier) के बीच हिंसक संघर्ष (Ladakh Clash) के मुद्दे पर देश की दो बड़ी पार्टियों सत्‍तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस का ‘बयान युद्ध’ थमने का नाम ही नहीं ले रहा. कांग्रेस की ओर से जहां इसके पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोल रखा है, वहीं बीजेपी की ओर से इसके अध्‍यक्ष जेपी नड्डा (Jagat Prakash Nadda) मोर्चा संभाले हुए हैं. कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ओर से लद्दाख मुद्दे पर लगातार सवाल पूछने के बाद जेपी नड्डा ने भी सिलसिलेवार ट्वीट किए हैं. बुधवार को उन्‍होंने एक ट्वीट करते हुए लिखा, ‘एक राजवंश और उसके वफादारों को पूरा विपक्ष होने का भ्रम हो गया है.’

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बीजेपी प्रमुख नड्डा (JP Nadda) ने ट्वीट में लिखा, ‘एक शाही राजवंश और उनके वफादार दरबारियों को बड़ा भ्रम है कि विपक्ष यानी सिर्फ एक उनका राजवंश. एक राजपरिवार नखरे दिखाता है और उनके दरबारी उस नकली कहानी को फैलाते फिरते हैं. ताजा मामला विपक्ष के सरकार से सवाल पूछने से जुड़ा है. एक अन्‍य ट्वीट में उन्‍होंने लिखा-सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है. सर्वदलीय बैठक में स्वस्थ/सकारात्‍मक विचार-विमर्श देखा गया, इसमें कई विपक्षी नेताओं ने अपने बहुमूल्य इनपुट दिए. उन्होंने आगे का रास्ता तय करने में भी केंद्र का पूरा समर्थन किया, लेकिन एक परिवार अपवाद था. कोई अनुमान लगा सकता है कि कौन सा? राहुल की मां और कांग्रेस की मौजूदा अध्‍यक्ष सोनिया गांधी भी लद्दाख मुद्दे पर सरकार की नीति पर सवाल उठा चुकी हैं.

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे. झड़प में चीनी पक्ष के करीब 45 सैनिकों के मारे जाने या बुरी तरह से घायल होने की खबर सामने आई थी. जानकारी के अनुसार, लद्दाख में हिंसक झड़प उस समय शुरू हुई थी जब भारतीय सैनिक सीमा के भारत की तरफ चीनी सैनिकों द्वारा लगाए गए टेंट को हटाने गए थे. चीन ने 6 जून को दोनों पक्षों के लेफ्टिनेंट जनरल-रैंक के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद इस टेंट को हटाने पर सहमति जताई थी.

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