राफेल डील को लेकर कांग्रेस नें मोदी सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नें मानसून सत्र में लडाकु विमान राफेल सौदे के ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर हमला बोला। दरअसल भारत नें फ्रांस की सरकार के साथ 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा किया था जिसकी कीमत सरकार नें लगभग 59 हज़ार करोड़ रखी हैं। जिसे कांग्रेस की सरकार नें तय कीमत से ज़्यादा बताई हैं।

कांग्रसे की सरकार में हुआ था राफेल सौदा

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नें कहा कि राफेल विमान का सौदा फ्रांस के साथ कांग्रेस की सरकार नें किया था। उस वक्त फ्रांस की सरकार के साथ 136 विमान खरीदने कि बात हुई थी। कांगेस की सरकार नें फ्रांस की सरकार के साथ हर एक विमान की कीमत लगभग 500 करोड़ रुपए के आस पास रखी थी। जबकि भाजपा पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी नें कहा की भाजपा की सरकार नें एक विमान की कीमत 500 करोड़ से बढ़ाकर 1500 करोड़ रुपए कर दी हैं। इसलिए सरकार नें राफेल सौदे में भ्रष्टाचार किया हैं।

भारतीय वायुसेना को ज़रुरत हैं 42 स्कवाड्रन की

आप को बता दे कि भारतीय वायुसेना को इस वक़्त अत्याधुनिक लडाकु विमानों कि बहुत जरूरत हैं। पाकिस्तान और चीन का सामना करने के लिए भारतीय वायुसेना के पास कम से कम 42 स्कवाड्रन की जरुरत हैं। जबकि वायुसेना के पास इस वक़्त केवल 32 स्कवाड्रन ही मौज़ूद हैं। मिग 21 लडाकु विमान अब काफी पुराने हो चुके हैं। जिन्हें बदलना भारतीय वायुसेना के लिए बहुत जरुरी हैं। इन्हें बदलने के लिए भारतीय वायुसेना और सरकार नें राफेल और तेजस जैसे स्वदेशी लड़ाकु विमानों को वायुसेना में शामिल करने का निर्णय लिया हैं। लेकिन जिस तरह से कांग्रेस कि सरकार भाजपा पर राफ़ेल सौदे में भ्रष्टाचार कि बात कह रहीं हैं उस से लगता हैं कि यह सौदा भाजपा के लिए मुसीबत भी बन सकता हैं।

भारतीय वायुसेना को जरुरत हैं पांचवी पीढी के विमानों की

हांलाकि भारतीय वायुसेना को अब पांचवी पीढी के लडाकु विमोनों कि ज़रुरत हैं। क्योंकि दुनिया अब पांचवी पीढी के लड़ाकु विमोनों कि तरफ़ बढ रही हैं। ऐसे में भारत को मिलने वाले 36 राफ़ेल विमान भारतीय वायु सेना की मुशिकलें कुछ हद तक ही कम कर सकेंगे।