क्या कोरोना जैसे गंभीर हालत में लंग ट्रांसप्लांट संभव?

दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक राहत की खबर आई है। कोरोना से संकर्मित होने के कारण 20 साल की युवती के दोनों फेफड़े खराब हो चुके थे। डॉक्टर्स द्वारा यह कह दिया गया था की बिना ट्रांसप्लांट के युवती को बचाना अत्यंत मुश्किल है। युवती की हालत काफी गंभीर थी। इतना ही नहीं वो दो महीनों से आईसीयू में भर्ती थी। कोरोना काल के बीच अमेरिका में पहली बार किसी कोरोना के मरीज का डबल लंग ट्रांसप्लांट किया गया है। ये कारनामा किसी और ने नहीं बल्कि भारतीय मूल के डॉक्टर अंकित भरत ने कर दिखाया है। यह काफी ही काम्प्लेक्स सर्जरी थी और इससे पहले ऐसी सर्जरी संभव नहीं थी। ऐसी सर्जरी को पहले कभी अंजाम नहीं दिया गया।

अस्पताल के अनुसार यह पहली बार है जब किसी कोरोना के मरीज का ऐसा सफल ऑपरेशन किया गया है। इससे कोरोना से संक्रमित उन मरीजों की उम्मीद बढ़ेगी जिनके फेफड़े खराब हो चुके हैं। इस सर्जरी से यह प्रतीत होता है की कोरोना के कारण मरीजों के फेफड़े खराब हो चुके है। डबल लंग ट्रांसप्लांट के जरिए उनकी जान बच सकती है।

कोरोना वायरस संक्रमण के मामले पूरी दुनिया में मुसीबत का सबब बन चुका है। भारत में भी कोरोना के मरीजों का आंकड़े में कुछ ही महीनो में अत्यंत उछाल देखा गया। उसी बीच डबल लंग ट्रांसप्लांट की खबर बेशक तौर पर लोगो के लिए एक उम्मीद की किरण लाई है।

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