कोरोनावायरस : प्राकृतिक की देन या चीन की साजिश?

image source :google
image source :google

दुनियभर में कोरोना वायरस के कारण हाहाकार मचा हुआ है। चीन से निकला यह घातक वायरस ने दुनिया में तबाही मचा रखी है। आभी तक यह बात पता नहीं चल पाई है कि यह घातक वायरस प्रकृति की देन है या फिर चाइना की लैब में युद्ध के लिए तैयार करा गया वायरस. इसका प्रयोग होने के दौरान यह फैल गया इस बात का दावा अमेरिका कर रहा है कि यह चाइना की चाल है, वही चाइना भी ऐसी दलीलें पेश कर रहा है कि चाइना को तबाह करने के लिए अमेरिका ने यह वायरस छोड़ा है लेकिन यह भी गौर करने वाली बात है की अमेरिका आखिर ऐसा क्यों करेगा? इस वक़्त कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा अमेरिका ही बेबस नज़र आरहा है.

दुनिया के हर देश में कोरोना के लिए दवाई तैयार करने की कोशिश की जा रही है। इसी कोशिश में भारत के वैज्ञानिक भी कोरोना की स्टडी कर रहे हैं और इसका इलाज ढूंढ रहे हैं. कोरोना वायरस लैब में तैयार किया गया है. अगर यह चमगादड़ से फैलता है तो चमगादड़ सिर्फ़ चाइना में ही नहीं पाए जाते ये लगभग सभी देशों में मिलते है 1400 ज्यादा इसकी परजाती पाई जाती है. यहाँ तक की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस संदर्भ में एक बड़ा बयान दिया है। नितिन गडकरी ने कोरोना वायरस वुहान शहर के लैब से निकलने की बात कह कर चीन को सीधे सीधे निशाना साधा दिया है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो शुरू से ही चीन पर कोरोना वायरस जैसे घातक वायरस को वुहान के लैब में बनाने का चीन पर संगीन आरोप लगया.

यह भी पढ़ें : कौन सा ऐसा देश है , जिसने कोरोना वायरस कि समस्या को अच्छी तरह से संभाला ?

देशभर में कोरोना वायरस का आकड़ा 60 लाख के पार जा पहुंचा है जो काफी चिंता का विषय है यह वायरस कुछ ही महीने पहले दुनिया में दस्तक दी और दुनियाभर के देश इस वायरस के समक्ष बेबस नज़र आ रहे है. यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वायरस कि वैक्सीन सितम्बर तक आने की उम्मीद है.