क्या नीम का काढ़ा पीने से कोरोना वायरस नहीं फैलता है ?

neem
neem

क्या नीम का काढ़ा पीने से कोरोना वायरस नहीं फैलता है ?

भारत में कोरोना वायरस दिन प्रति दिन कई लोगो को अपनी चपेट में के रहा है। लोग खुद को कोरोना वायरस के कहर से बचने के लिए कई जतन कर रहे है और कई तरह के आयुर्वेदिक काढ़ा का भी सहारा ले रहे है , यह खबर बहुत तेज़ी से फ़ैल रही है कि नीम का काढ़ा पीने से कोरोना वायरस नहीं फैलता है या उसका प्रभाव कम हो जाता है।

नीम का काढ़ा

आपको यह भी बताना चाहेंगे कि राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए लोगों को आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाना शुरू कर दिया है, राजस्थान के सभी जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया जा रहा था , सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि लोगों में इम्यून सिस्टम बढ़ाने के लिए सभी को काढ़ा पिलाया जाए।

काढ़ा पिलाने वाले आयुर्वेदिक डॉक्टर से हमने बात की तो उन्होंने बताया कि ज्वर हरण ,गिलोय चूर्ण, त्रिकूट चूर्ण गजा व्याधि क्वाथ, हरा बाशा, तुलसी पत्र ,पीपल, सौंठ, हरी अदरक, नीम की छाल, मुनक्का, काली मिर्च और लॉन्ग को करीब डेढ़ घंटे तक धीमी आंच पर उबाला है, जिससे यह काढ़ा तैयार हुआ है।

नीम का पेड़

नीम को एंटीबायोटिक तत्वों से भरपूर नीम को सर्वोच्च औषधि‍ के रूप में जाना जाता है। यह स्वाद में भले ही कड़वा हो, लेकिन इससे होने वाले लाभ अमृत के समान होते हैं।

ऐसा भी माना जाता है कि मलेरिया बुखार होने की स्थिति में नीम की छाल को पानी में उबालकर, उसका काढ़ा बना लें। अब इस काढ़े को दिन में तीन बार, दो बड़े चम्मच भरकर पीने से बुखार ठीक होता है और कमजोरी भी ठीक होती है।

यह भी पढ़ें : कैसे फिटकरी के उपयोग से कोरोना वायरस के खतरे से बचा जा सकता है

लेकिन कोरोना वायरस के सन्दर्भ में नीम कितना कारगर है अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है , अभी तक यह बात का शोध चल रहा कि क्या नीम का काढ़ा पीने से कोरोना वायरस नहीं फैलता, लेकिन नीम का काढ़ा शरीर के इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग बनाने में बहुत कारगर है और इससे शरीर के कई रोगो से लड़ने की शक्ति मिलती है।