लॉकडाउन से विश्व भर में प्रदूषण का स्तर कितना गिरा है?

pollution level
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लॉकडाउन से विश्व भर में प्रदूषण का स्तर कितना गिरा है ?

कोरोना ने दुनियभर में कोहराम मचा रखा हुआ है , हज़ारो लोग इस वायरस के चपेट में आगये और उन्हें अपनी जान गावनि पड़ी , कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए दुनियभर के कई देशों में लॉकडाउन के निर्देश दे दिए गए है। कई देशों में किए गए लॉकडाउन या शटडाउन की वजह से प्रदूषण का स्तर में कमी आई है।

प्रदूषण का स्तर कितना गिरा है
प्रदूषण का स्तर कितना गिरा है

आसमान साफ दिखने लगा है हुए वायु प्रदूषण काफी हद तक कम हुआ है। अगर बात करे भारत की तो यहाँ लॉक डाउन के कारण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के महीने में वायु की गुणवत्ता 14 दिनों के लिए कफी बेहतर रही और 11 दिनों के लिए औसत रही। पूरे महीने में, कण पदार्थ, धूल, और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्र में कमी देखने को मिली है।

आपको बता दे की जैसा कि पूरे देश ने 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू’ मनाया, देश भर में वायु प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई। दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता और लखनऊ में साफ हवा देखी गई।

प्रदूषण का स्तर कितना गिरा है?

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वायु प्रदूषण 22 मार्च को दोपहर 1 बजे 126 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था, जो लगभग 1 बजे आधा हो गया। कोलकाता ने वायु गुणवत्ता सुधार देखे गए है, आपकी जानकारी बताना चाहयेगे कि लॉकडाउन के कारण सड़कें सुनसान हो गईं हैं और ।

इसका सीधा असर प्रदूषण पर पड़ा है। पटना सहित पूरे बिहार की हवा में घुला जहर गायब हो रहा है। लंबे अरसे बाद शहरी वायु प्रदूषण में कमी आई है। आगरा में भी एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 111 से घटकर 54 पर आ गया है।

प्रदूषण का स्तर
प्रदूषण का स्तर

कोरोना वायरस की वजह से कई देशों में किए गए लॉकडाउन या शटडाउन की वजह से प्रदूषण का स्तर कम हो गया है. चीन में आसमान साफ दिखने लगा है।

इटली के शहर वेनिस की नहरों का पानी साफ हो गया है, चीन के पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक हुबेई प्रांत, जहां वुहान राजधानी है, वहीं फरवरी के महीने में हवा की गुणवत्ता में 21.5 फीसदी का इजाफा हुआ है. वुहान और हुबेई ही कोरोना वायरस का मुख्य केंद्र था।

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी ESA के सैटेलाइट तस्वीरों से भी यह साफ़ पता चलता है कि कोरोना के प्रकोप से बचने के लिए लॉकडाउन की वजह से प्रदूषण का स्तर कम हुआ है. आसमान साफ हुआ है।

जहाँ पूरी दुनिया कोरोना के कहर से बचने के लिए घर पर बैठी है वही यह कहना गलत नहीं होगा की लॉकडाउन से पक्षी -पेड -पौधे खोल कर साफ़ वातावरण में साँस ले रहे है।