कैंप के माध्यम से ईवीएम को लेकर भ्रम दूर करेगा चुनाव आयोग

राजनीतिक पार्टियों की ओर से आए दिन ईवीएम मशीन व वीवी पैड को लेकर तमाम तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। निष्पक्ष चुनाव पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इसके मद्देनजर चुनाव आयोग ने लोगों की भ्रांतियां दूर करने का निर्णय लिया है। निर्वाचन आयोग ईवीएम मशीन के प्रति लोगों की शंका दूर करने के लिए वीवीपैट की एफएलसी पूरी होने के बाद दिसंबर माह के अंत से फरवरी माह 2019 तक मतदाता जागरूकता अभियान चलाएगा। आयोग सार्वजनिक स्थानों, कालेजों पर कैंप लगाकर ईवीएम व वीवी पैड का डेमो दिखाकर मतदाताओं की शंका को दूर करेगा।

इसके अलावा स्वीप अभियान चलाकर मतदाताओं को मतदान करने के लिए जागरुक किया जाएगा और उन्हें मतदान के महत्व व लोकतंत्र के महापर्व की जानकारी दी जाएगी। उपजिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम प्रशासन एसपी गुप्ता ने बताया कि सभी नौ विधानसभा के लिए 10 बैलेट यूनिट, 10 कंट्रोल यूनिट, 10 वीवी पैड संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्री करण अधिकारी व तहसील के एसडीएम व तहसीलदार को सौंपा जाएगा। चुनाव आयोग द्वारा प्रत्येक तहसील क्षेत्र व विधानसभा में कैंप लगाकर लोगों को ईवीएम व वीवी पैड के बारे में जानकारी दी जाएगी। ईवीएम के बाबत जिज्ञासाएं शांत कर शंका का समाधान किया जाएगा। नए मतदाताओं को मतदान करने की जानकारी दी जाएगी। साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान का स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से स्वीप प्लान के तहत अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा लोगों को जागरूक करने का भरसक प्रयास किया जाएगा। बताया कि आगामी चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए मतदाताओं को अलग-अलग स्लोगनों, रैली व कार्यक्रमों के माध्यम से मताधिकार का महत्व समझाते हुए मतदान केंद्रों पर पहुंचने का संदेश दिया जाएगा। महिला पुरुष एवं पहली बार वोट दे रहे मतदाताओं के बीच पहुंचकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। कॉलेज, विवि व इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर डिग्री कॉलेज में चुनावीपाठशाला आयोजित की जाएंगी।

दिलाई जाएगी शपथ

इस अभियान में सबसे पहले वीवीपेट एवं ईवीएम से निष्पक्ष तथा गोपनीय चुनाव प्रक्रिया को समझाया जाएगा। फिर मतदाताओं से अधिक से अधिक अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए निवेदन किया जाएगा। साथ ही मतदाता जागरूकता के लिए मतदान की शपथ भी दिलाई जाएगी। जिला जिला प्रशासन के द्वारा तैयार कराया गया मतदाता जागरूकता गीत लोकतंत्र का त्योहार को भी मतदाता को सुनाया जाएगा। जिससे लोगों में अपने अधिकार के प्रति जागरूकता पैदा हो सके।

ऐसे बनेगा स्वीप केलेंडर

समावेशी मतदान की अवधारणा पर संवाद एवं कार्यशाला का आयोजन, लोकतंत्र के रंग, रंगमंच के संग, भजन, नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य एवं भारत नाट्यम द्वारा मतदान का संदेश दिया जाएगा। मतदाता को जागरूक करने के लिए पतंग भी उड़ाई जाएंगी। साहसिक खेलों का आयोजन भी स्वीप गतिविधियों के तहत करवाया जाएगा। इसमें हॉट एयर बेलून, दौड़, तीरंदाजी, रायफल शूटिंग, वाल क्लाइबिंग, वाटर रोलर, पेरामोटर, पैरा सेलिंग आदि का आयोजन का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।

फार्म सही नहीं तो निरस्त होंगे

जिलाधिकारी जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि विशेष पुनरीक्षण अभियान 2019 के दैरान प्राप्त फार्म 6 के भाग 4 भरे हुए हैं अथवा नहीं, यदि कोई व्यकित 25 वर्ष के ऊपर का है और उसने भाग 4 नहीं भरा हुआ है तो उसकी जांच करें तथा उससे पूर्व मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करें और यदि फार्म सही पाए जाए तो ही उसे स्वीकृत करे अथवा निरस्त करें। साथ ही संज्ञान में आया कि अधिकारियों के द्वारा फार्म 7 की भी कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिसके लिए निर्देश दिया कि फार्म 7 के द्वारा विलोपित होने वाले मतदाताओं को नोटिस जारी करके नियमानुसार आपत्तियों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें। एक सप्ताह में दिव्यांग जनों की टैगिंग के कार्य समाप्त करकने के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि लापरवही पर  संबंधित अधिकारी कार्यवाही के लिए तैयार रहें।

चुनावी पाठशालाओं से जागरूकता

डीएम ने सभी आरओ को निर्देश दिए हैं कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान से लेकर मतदान होने तक मताधिकार को प्रेरित करने के लिए सिर्फ  जागरूकता रैलियां पर्याप्त नहीं होंगी बल्कि इसके लिए इलेक्टोरल लिटरेसी सेंटरों को चुनावी पाठशालाएं आयोजित कर लोगों को बताना होगा कि उनके मताधिकार के इस्तेमाल से लोकतंत्र मजबूत होगा और उसकी गरिमा बढ़ेगी। कहा कि जिस तरह नौकरी और पढ़ाई आदि के लिए बाहर रह रहे लोग त्यौहार मनाने के लिए छुट्टी लेकर घर आते हैं, ठीक उसी तरह वोट बढ़वाने और मतदान करने को तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने दिव्यांगजनों को मताधिकार के दिवस पर विशेष सुविधा प्रदान किए जाने और चुनाव से पहले सभी दिव्यांगों को चिन्हित कर मताधिकार के लिए जागरुक करने के निर्देश दिए।