20% तक बढ़ सकती है बिजली दरें ।

लगातार बढ़ते घाटे के आधार पर दिल्ली की बिजली कंपनियां बिजली दरों में इजाफे की जमीन तैयार कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस बार बिजली की दरों में करीब 20 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है।
बिजली कंपनियों ने दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीआइआरसी) को वित्तीय घाटे की रिपोर्ट दे दी है। इसके आधार पर ही नए टैरिफ से घरेलू उपभोक्ताओं पर कम से कम 20% बोझ बढ़ने के आसार है। इसका एलान आगामी सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है। दरें बढ़ाने के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि बिजली खरीद में 300% तक का इजाफा हो चुका है। यही नहीं रिटेल में भी बिजली की दरों में 90% का इजाफा हुआ है। वहीं, बिजली कंपनियों को बिजली 5.34 से 4.08 पैसे प्रति यूनिट तक मिल रही है। इस वजह से घाटा बढ़ा है। इसकी भरपाई के लिए जरूरी है कि टैरिफ में इजाफा किया जाए।

उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने के लिए सब्सिडी ही रास्ता
दिल्ली के उपभोक्ताओं पर बिजली कि बढ़ी दरों का बोझ न पड़े। इसके लिए बिजली कंपनियों को सब्सिडी देना ही सरकार के पास एकमात्र रास्ता है। इससे पूर्व भी दिल्ली सरकार ऐसी ही पहल करके उपभोक्ताओं को राहत दे चुकी है। हालांकि इससे सरकारी खजाने पर बोझ जरूर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त 400 यूनिट तक की खपत पर भी छूट दी जा रही है।

2014 में 5 प्रतिशत बढ़ी थी दरें
दिल्ली वासियों के लिए बिजली की दरों में वर्ष 2014 में इजाफा हुआ था। रेगुलेटर ने उपभोक्ताओं के लिए 5 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। यदि इस बार बढ़ोतरी की मंजूरी होती है तो यह तीन साल बाद बढ़ोतरी होगी।

आरडब्ल्यूए कर चुकी है विरोध

वहीं, बिजली सुनवाई के दौरान आरडब्ल्यूए पहले ही अपना विरोध दर्ज कर चुकी है। उनका कहना है कि दुनिया भर में बिजली, तेल, गैस आयल समेत अन्य चीजों के दाम में भारी गिरावट आई है। इस गिरावट का असर यह हुआ है कि बिजली के दाम गिरे है तो उपभोक्ताओं पर बार-बार टैरिफ बढ़ाने का दबाव बनाना गलत है।