प्रदेश का चित्रकूट बना पहला जिला, महिला करेंगी कचरा प्रबंधन

चित्रकूट : जनपद ने स्वच्छता की ओर बुधवार को एक और कदम बढ़ाया। अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गांवों को स्वच्छ बनने के लिए कचरा प्रबंधन का कार्य करेंगी। जिसकी श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूबन मिशन में चयन मऊ क्लस्टर के 15 में से सात गांव पर शुरू की गई है।

जिलाधिकारी विशाख जी ने विकास खण्ड मऊ के हटवा गांव में पर्यावरण जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यावरण चेतना समूह की महिलाओं को ट्राइ साइकिल एवं ड्रेस वितरण किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर तमाम योजनाएं चलायी जा रही है जो लाभार्थीपरक योजनाएं है। जो पात्रता के आधार पर प्राप्त करायी जाती हैं। किन्तु यह योजना प्रदेश में पहली बार लागू की गई है। जिसके मऊ क्लस्टर के 15 चयनित ग्रामों में से 07 ग्रामों में यह योजना लागू की जा रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को दो दिवसीय प्रशिक्षण देकर उन्हें पर्यावरण एवं स्वच्छता के कार्य में लगाया जाएगा। स्वच्छता से ग्रामों में बीमारियों से लोग बचे रहते हैं और पर्यावरण भी दूषित नहीं होता है।

कचरा प्रबंधन के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते डीएम विशाख जी

प्रशिक्षित महिलाओं को ग्राम का कूड़ा-कचरा घर-घर जाकर उठाने तथा ग्राम के बाहर एकत्र करने का भी प्रशिक्षण दिया गया। इन्हीं महिलाओं को तीन ट्राइसाइकिल प्रदान की गईं। जिसमें यह गीला और सूखा कूछ़ा-कचरा अलग- अलग घर में रखे जाने वाले डस्टबिन से एकत्रित करेंगी और गांव के बाहर निर्धारित स्थान पर एकत्र करेंगी। कार्यक्रम के अनुसार आगे इसी कचड़े से कुछ ऐसा किया जायेगा जिससे इसे दुबारा उपयोग में लिया जा सके। किन्तु यह महिला समूह गांव की नाली, सड़क की सफाई नहीं करेंगी। यह कार्य ग्राम प्रधान ग्राम में तैनात सफाई कर्मियों से करायेंगे। घरवाले भी अपने-अपने घरों में नीले-पीले रंग का डस्टबिन रखेंगे और उनमें निर्धारित किये गये कचड़े को एकत्र करेंगे।