यहाँ समझे क्या हैं Income Tax की नई और पुरानी कर दरें.

सबसे पहले हम आपको बता दें कि हम यहाँ Direct tax की बात कर रहें हैं. indirect Tax का इससे कोई लेना देना नहीं है, क्योंकि Indirect Tax अब GST Council के अंतर्गत आता है. अगर आपकी आय 5 लाख तक है तो आपको न तो नई व्यवस्था में और न ही पुरानी व्यवस्था में कर देनें कि आवश्कता है.


अब नई और पुरानी कर व्यवस्था का स्लैब देखते हैं. सरकार ने कहा है कि आप नई या पुरानी जो भी दरें पसंद हो उसी के अनुसार आप tax दें सकते हैं. आप सोच रहें होगें नई दरें कम है तो पुरानी दरों से tax कौन देगा और क्यों देगा ? आगे बढनें से पहले यहाँ पर जानने के लिए एक बहुत ही रोचक बिंदु है. Income Tax Deductions. सरकार ने कहा है कि जो नई दरों से tax देंगे उनकों Income Tax Deductions नहीं मिलेंगे. अब Income Tax Deductions क्या होता है ?


चलो पहले इसको ही जानते हैं….
सरकार वेतन भोगी श्रेणी के लोगों को tax बचाने के लिए कुछ अवसर प्रदान करती है. जैसे – पांच साल के बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट, होम लोन के मूलधन पर टैक्स छूट , राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) इत्यादी.उदाहरण के तौर पर जैसे अगर किसी की कमाई 10 लाख रूपए है, जिसमें से वह 50 हजार रुपए दान कर देता है और 50 हजार रुपए home lone में लगा देता हैं तो कुल मिलाकर उसने 1 लाख रूपए निवेश कर दिए. अब आपको जो tax देना होगा वो 9 लाख रूपए के हिसाब से देना पड़ेगा. Income Tax कानून के सेक्शन 80C में बहुत से ऐसे विकल्प हैं जिसमें 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर आप tax बचा सकते हैं. अब आप सोच रहें होगें कि अगर ऐसा है तो हमे अपनी कमाई के जितने रूपए पर tax देना होता है वो सारे रूपए सेक्शन 80C के तहत जो विकल्प हैं उनमें निवेश कि दें तो ? यहाँ यह जानना जरूरी है कि हम ज्यादा रूपए भी निवेश करेंगें तो भी आपको 1.5 लाख पर ही छूट मिलेगी.


अब बात करते हैं Tax दरों कि –
मान लो अगर आपकी कमाई 15 लाख रूपए है, तो देखते है पुरानी दर से आपको कितना tax लगेगा.
पुरानी कर व्यवस्था के अनुसार 15 लाख पर tax. इसमें हमने surcharge नहीं जोड़ा है. surcharge क्या होता है? आपका जो tax बनता उस पर 4 % अतिरिक्त और देना होता है. अगर आपकी कमाई 15 लाख है तो पहले 2.5 लाख पर छूट , अगले 2.5 लाख पर 5 % के हिसाब से 12,500 रूपए , अगले 5 लाख पर 20 % के हिसाब से 1,00,000 रूपए ,अगले 5 लाख पर 30% के हिसाब से 1,50,000 रूपए , इस तरह कुल मिलाकर 15 लाख पर पुरानी दर से 2,62,000 रूपए बनते हैं. इसमें हमने surcharge नहीं जोड़ा है.
अब देखते है नई दर से आपको कितना tax लगेगा.

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अगर आपकी कमाई 15 लाख है तो पहले 2.5 लाख पर छूट , अगले 2.5 लाख पर 5 % के हिसाब से 12,500 रूपए. अगले 2.5 लाख पर 10% के हिसाब से 25,000 रूपए.अगले 2.5 लाख पर 15 % के हिसाब से 37,500 रूपए. अगले 2.5 लाख पर 20 % के हिसाब से 50,000 रूपए.अगले 2.5 लाख पर 25 % के हिसाब से 62,500रूपए. इस तरह कुल मिलाकर 15 लाख पर नई दर से 1,87,500 रूपए बनते हैं. इसमें हमने surcharge नहीं जोड़ा है. लेकिन अगर आप नई दर से tax देते हैं तो आपको income tax Deductions नहीं मिलेंगें.
अब नई दरों का सकारात्मक पहलू देखते है-

नई दरों के स्लैब से आयकर में छूट के तरीके तलाशने के लिए अब किसी विशेषज्ञ की जरूरत नहीं होगी. इस नई व्यवस्था में income tax Deductions के लगभग 70 तरीको को हटाकर कर व्यवस्था सरल कर दिया.
अब नई दरों का नकारात्मक पहलू देखते है-
Tax में छूट लेने के लिए लोग लंबे समय के लिए पैसे को किसा किसी स्कीम के तहत जमा कर देते थे. उस से फायदा ये होता था कि एक तो सरकार के पास निश्चित समय के लिए पैसा आता है जिसे वो कहीं infrastructure या किसी भी तरीके से प्रयोग कर सकते हैं. दूसरा – जितने समय के लिए पैसे जमा किए थे उसके बाद बड़ी रकम मिलती जिसे वो अपना स्टार्टप शुरू कर सकते थे. लकिन नई व्यवस्था से लोगों का रूझान बचत में कम हो सकता है.