क्या अयोध्या मामले का हल मध्यस्थता से संभव है? आज है फैसला

रामजन्मभूमि मसले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने की उम्मीद है. आज सुप्रीम कोर्ट इस मामले में यह फैसला देगी की क्या इस मसले का हल ‘मध्यस्थता’ के ज़रिए संभव है? इस बाबत सुप्रीम कोर्ट नें संकेत दिए है कि यदि इसका निपटारा कोर्ट से बाहर बातचीत से संभव है, तो अदालत इसमें भी सहयोग करेगी.

हिन्दू महासभा के वकील हरिशंकर जैन के अनुसार अगर पक्षकार पार्टियां कोर्ट के अंदर मान भी जाती है तो जनता इस बात को स्वीकार नहीं करेगी. और उसके बाद हमें फिर से कोर्ट का ही मुँह देखना पड़ेगा

इसके पहले सुब्रमण्यम स्वामी ने अयोध्या में पूजा करने की इजाजत कोर्ट से मांगी थी, जिसपर मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई नें सुनवाई के दौरान उन्हें मौजूद रहने की नसीहत दी थी.

यह बात महत्वपूर्ण है कि हाईकोर्ट ने अयोध्या की विवादित 2.77 एकड़ जमीन को तीन हिस्सों में सुन्नी वक्फ बोर्ड, रामलला और निर्मोही अखाड़े के बीच बांटने का आदेश दिया था. वैसे इस बात के आसार काम ही नज़र आ रहें हैं कि कोई हल निकल कर आएगा, अयोध्या भूमि विवाद न सिर्फ जनमानस की भावनाओं के साथ जुड़ा हुआ है, बल्कि यह आस्था का भी विषय है.