जानिए आखिर क्यों ‘कपूर परिवार’ ने लिया 70 साल पुराना RK स्टूडियो बेचने का फैसला

नई दिल्ली: बॉलीवुड का सबसे लोकप्रिय परिवार ‘कपूर’ खानदान के बारे में हम सभी जानते है. इस परिवार के तमाम लोगों ने भारतीय सिनेमा में काफी वर्षों तक अपना राज किया और अभी भी कर रहें है. पर काफी समय से चर्चाओं में मशहूर आरके स्टूडियो जल्द ही बिक सकता है. मुंबई के मशहूर आरके स्टूडियो को कपूर खानदान ने बेचने का निर्णय लिया है.

इस स्टूडियो में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की काफी पॉपुलर फिल्में जैसे आवारा, श्री 420 की शूटिंग हुई है

बता दें कि शो मैन के नाम से चर्चित फिल्मकार राज कपूर ने अपनी अधिकतर फिल्मों की शूटिंग, करीब 2 एकड़ में बनाए गए इस स्टूडियो में की थी. इस स्टूडियो में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की काफी पॉपुलर फिल्में जैसे आवारा, श्री 420, मेरा नाम जोकर और बॉबी जैसे अन्य बड़ी मोवियों की शूटिंग इसी स्टूडियो में हुई है. आपको बता दें कि मुंबई के चैंबूर में बने इस स्टूडियो को करीब 70 साल हो गया है. बताया जा रहा है कि इस पुराने स्टूडियो से अब खास आमदनी नहीं हो पा रही थी. पिछले साल ही आरके स्टूडियो में एक रियेलिटी शो की शूटिंग के वक्त आग लग गई थी.

जानकारी के अनुसार, स्टूडियो में हुई इस घटना में अभिनेत्रियों के कॉस्टूयम्स, ज्वैलरी, मेरा नाम जोकर का क्लोन मास्क, जिस देश में गंगा बहती है की बंदूकें और आवारा, संगम और बॉबी में इस्तेमाल हुआ ग्रैंड पियानो भी जल गए थे.

करीना कपूर खान का बयान

वहीं इस मामले पर करीना कपूर खान ने कहा है कि मुझे पूरी बात पता नहीं है, कुछ दिनों से मेरी सेहत नासाज है और मैं पिछले चार-पांच दिनों से अपने पिता से नहीं मिली हूं. लेकिन, निश्चित ही, हम सब इन्हीं गलियारों में पलकर बड़े हुए हैं. इस मामले पर आगे कहा कि ,मुझे लगता है कि शायद परिवार वालों ने इस पर फैसला लिया हो, तो अब यह मेरे पिता और उनके भाइयों पर है. अगर उन्होंने यह तय किया है तो यही सही.

ऋषि कपूर का बयान

वहीं 70 साल पुराने दो एकड़ में फैले आरके स्टूडियो को बेचने का फैसला भी कपूर खानदान के लिए काफी मुश्किल भरा रहा है. वहीं पिछले साल हुए हादसे से स्टूडियो का एक हिस्सा पूरी तरीके से बर्बाद हो गया है ऐसे में इसे दोबारा बनाना आर्थिक रूप से सही नहीं माना जा रहा है. ‘मुंबई मिरर’ को एक इंटरव्यू में परिवार की तरफ से एक्टर ऋषि कपूर ने कहा है कि शुरू में उन लोगों ने इस स्टूडियो को स्टेट ऑफ द आर्ट प्रौद्योगिकी के साथ फिर से बनाने का सोचा था, लेकिन सामने एक बहुत बड़ी चुनौती यह थी कि स्टूडियो को फिर से बनाने में होने वाला खर्चा ही इतना अधिक होगा कि राजस्व नहीं पैदा करेगा कि इसे दोबारा चलाया जा सके. ऋषि कपूर ने आगे कहा कि उन्होंने यह फैसला बड़े ठंडे दिमाग से सोच समझकर लिया है.

आपको बता दें कि फिल्म प्रोडक्शन कंपनी आर.के.फिल्म्स के मुख्यालय आर.के. स्टूडियो को 1948 में बनाया गया था.