जानिए महाराष्ट्र में किसकी सरकार बन सकती है ?

महाराष्ट्र चुनाव के परिणाम आ गये है बीजेपी बहुमत के साथ 105 सीटों से आगे रही, वहीं शिवसेना का परफॉरमेंस उम्मीद के अनुकुल दिखाई दिया है. 56 सीटों पर अपना दबदबा कायम बनाए रखा था. बताते चले कि एनसीपी को 54, कांग्रेस को 44 और अन्य को 29 सीटें मिली हैं, लेकिन बहुमत के साथ आयी बीजेपी का शिवसेना के साथ खड़ा होना बहुत मुश्किल प्रतीत हो रहा है. बीजेपी और शिवसेना के बीच मुख़्यमंत्री पद को लेकर खींचातानी अभी भी चल रही है। शिवसेना इस बात पर अटल है की मुख़्यमंत्री पद के लिए उनके पार्टी से चुनाव हो, लेकिन बीजेपी इस बात को लेकर साफ इंकार कर रही है ।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साफ और कड़े लहजे में महाराष्ट्र में अपनी सहयोगी बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा, ‘लोकसभा चुनाव में अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस के साथ जो तय हुआ था, उससे न कम और न ज्यादा चाहिए.’ उससे एक कण भी अधिक मुझे नहीं चाहिए. हालांकि, शिवसेना ने डिप्टी सीएम के पद पर अभी पत्ते नहीं खोले हैं ।

एनसीपी विपक्ष में बैठने के बयान पर कायम है। शिवसेना के मुख्यमंत्री के पद को लेकर काफी उम्मीदें है. अगर सुत्रों के हवाले से बात करें, तो उनके अरमानों पर पानी फिर सकता है. ऐसे में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के अलावा उसके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा, क्योंकि कांग्रेस के पास विधायकों की संख्या इतनी नहीं है कि वह अपने दम पर शिवसेना को समर्थन करके सरकार बनवा सके. कांग्रेस-एनसीपी के बदौलत ही शिवसेना महाराष्ट्र में सरकार बना सकती है. ऐसे में एनसीपी सरकार बनाने के बजाय विपक्ष में बैठने की बात पर अड़ी हुई है अब देखना ये होगा कि महाराष्ट्र की सियासत किस तरफ अपना रूख बदलती है।

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एनसीपी के तरफ से कोई कन्फर्मेशन नहीं आयी है, शिवसेना पूरी कोशिश में है की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद का चुनाव उनके पार्टी से ही होना चाहिए , शिवसेना एनसीपी के साथ गठबंधन के पुरी कोशिश में लगी हुई है। वही बीजेपी भी एनसीपी के साथ गठबंधन के लिए बहुत जतन कर रही है।

महाराष्ट्र की सत्ता की चाबी फिलहाल एनसीपी के हाथों में नजर आ रही है. ऐसे में शरद पवार बीजेपी या शिवसेना में जिसके साथ खड़े हो जाएं, सत्ता का सिंहासन उसका है. इसके अलावा शरद पवार से लेकर एनसीपी के तमाम नेता सरकार बनाने से ज्यादा विपक्ष में बैठने को लेकर सहमत हैं. एनसीपी अगर अपने स्टैंड पर कायम रहती है तो शिवसेना से पास बीजेपी के साथ सरकार बनाने के सिवा कोई और विकल्प नहीं बचेगा ।