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महात्मा गांधी की तरह और किसे महात्मा की उपाधि दी गई ?

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महात्मा गांधी की तरह और किसे महात्मा की उपाधि दी गई Like Mahatma Gandhi who else was given the title of Mahatma
महात्मा गांधी की तरह और किसे महात्मा की उपाधि दी गई Like Mahatma Gandhi who else was given the title of Mahatma

महात्मा गांधी की तरह और किसे महात्मा की उपाधि दी गई ? ( Like Mahatma Gandhi, who else was given the title of Mahatma ? )

महात्मा गांधी जी ने स्वतंत्रता आंदोलन में देश का नेतृत्व करने के साथ ही साथ समाज के हित में भी अनेंक काम किए. महात्मा गांधी जी को महात्मा की उपाधी दी गई. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय इतिहास में अपने समाज सुधार कार्यों के कारण और किसे महात्मा की उपाधि दी गई है. अगर आप इसका जवाब नहीं जानने है , तो इस पोस्ट में आपको इस सवाल का जवाब मिल जाएगा.

ज्योतिराव गोविंदराव फुले

किसे दी गई महात्मा की उपाधि-

भारतीय इतिहास में ज्योतिराव गोविंदराव फुले को भी महात्मा की उपाधि दी गई है. इनको महात्मा फुले या ज्यातिबा फुले के नाम से भी जाना जाता है. ये एक भारतीय समाज सुधारक , विचारक , दार्शनिक , समाजसेवी , लेखक तथा क्रांतिकारी थे. इन्होंने 1873 ईं में सत्य शोधक समाज की स्थापना की थी. इन्होंने निर्बल और निर्धन लोगों के विकास के लिए बहुत काम किया. इसके साथ ही उनको न्याय दिलाने के लिए ही इन्होंने सत्य शोधक समाज की स्थापना की थी. इसी कारण बुंबई में एक बड़ी सभा में इनको महात्मा की उपाधि दी गई.

ज्योतिराव गोविंदराव फुले

ज्योति इसके अलावा इन्होंने ब्राह्मण परंपरा के प्रतीक चिह्न राम की जगह पर राजा बलि को अपना प्रतीक चिह्न बनाया. इसके साथ ही इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया तथा अपनी पत्नि की सहायता से पूना में एक बालिका स्कूल की भी स्थापना की थी. इसके आंदोलनो और विचारों में इन्होंने ब्राह्मण के प्रभाव को कम कर दलित समुदाय को पहचान दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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इनका जन्म 1827 ईं. में पुणें में हुआ. 1840 में इनका विवाह सावित्रि बाई फुले से हुआ. इनकी पत्नि ने भी बालिका शिक्षा के लिए काम किया. दोनों ने मिलकर समाज के लिए काम किया. ज्योतिबा फुले समाजसुधारक होने के साथ साथ एक अच्छे लेखक भी थे. इन्होंने जीवन काल में अनेंक पुस्तकों की रचना की. इन्होंने गुलामगिरी, तृतीय रत्न, छत्रपति शिवाजी, राजा भोसला का पखड़ा, किसान का कोड़ा, अछूतों की कैफियत इत्यादी की रचना की.

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