मोहन भागवत ने मदरसों को लेकर दिया बड़ा बयान, जानिए उन्होंने क्या कहा

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मदरसों को लेकर बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा है की मदरसों में बच्चों को भारतीयता का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा हम राम के प्रति विश्वास रखते है, गो माता और राम हिंदू संस्क्रति का आधार है। हर भारतीयता को समझना चाहिए की राम मंदिर का निर्माण मूल स्थान पर हो होगा। यदि ऐसा होता है तो हिंदुत्व की पहचान पूरे विश्व में स्थापित हो जाएगी।

उन्होंने मदरसों में भारतीयता का पाठ पढए जाने पर जोर दिया, और कहा की यह धर्मों के बीच कोई भेदभाव नहीं करता और शांति की बात कहता है।

इसके साथ ही उन्‍होंने कहा, ”मुस्लिम अपनी उपासना पद्धति को अपनाने के लिए स्‍वतंत्र हैं लेकिन उनको यह समझना चाहिए कि हम एक ही देश और संस्‍कृति से ताल्‍लुक रखते हैं और हमारे पूर्वज एक ही हैं.” आरएसएस प्रमुख ने कहा कि केवल ये सामूहिक सोच ही सशक्‍त समाज और देश के निर्माण का मार्ग प्रशस्‍त कर सकती है.

उन्‍होंने दावा करते हुए कहा कि भारतीय आबादी और यहां तक कि अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान के पूर्वज एक ही हैं. वे एक ही संस्‍कृति से संबंधित हैं.  उन्‍होंने उदाहरण देते हुए कहा, ”इस्‍लाम में संगीत वर्जित है। लेकिन अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान में कव्‍वाली गाई जाती है।

इस्‍लाम में मूर्ति पूजा का निषेध है लेकिन इन मुल्‍कों के लोग जब इबादतगाह में प्रार्थना करने आते हैं तो ये इसके विपरीत दिखता है…ये दर्शाता है कि हम सब संस्‍कृति से हिंदू हैं. गौतम बुद्ध, गुरु नानक और महावीर अलग-अलग भाषाओं में भले ही बोलते हों लेकिन वे सभी हिंदू समाज के ही अंग हैं.”