Cyclone Nisarga: चक्रवाती तूफान निसर्ग से मुंबई अलर्ट, दिल्ली, बिहार, झारखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में क्या होगा असर

Cyclone Nisarga: चक्रवाती तूफान निसर्ग से मुंबई अलर्ट, दिल्ली, बिहार, झारखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में क्या होगा असर

Cyclone Nisarga: निसर्ग चक्रवाती तूफान की रफ्तार 100 किलोमीटर से ज्यादा रहने की आशंका है

नई दिल्ली :

Weather Forecast Today: कुछ दिन पहले ही बंगाल की खाड़ी में उठे महाचक्रवात अम्फान को झेलने के बाद अब भारत अरब सागर में उठे विकराल चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ का सामना करने के लिए तैयार है. एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि यह एक विकराल तूफान है जिसमें हवा की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर तक जा सकती है. फिलहाल इस बात से राहत है कि इसकी रफ्तार अम्फान से कम होगी. वहीं मौसम विभाग जो इस तूफान पर लगातार नजर बनाए हुए, उसकी ओर कहा गया है कि 12 घंटे में यह एक विकराल चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा. यह तूफान को 3 जून को दोपहर के बाद महाराष्ट्र. गुजरात और दमन के तट से टकाएगा. महाराष्ट्र में इसका असर रायगढ़ में ज्यादा देखने को मिल सकता है.

उधर  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिमी समुद्री तट की ओर बढ़ रहे चक्रवाती तूफान निसर्ग के मद्देनजर गुजरात और महाराष्ट्र में की जा रही तैयारियों का सोमवार को जायजा लिया. इसके साथ ही उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हर संभव केंद्रीय मदद का भरोसा दिया.

चक्रवाती तूफान के उत्तर कोंकण के किनारे आने के अनुमान के चलते NDRF की टीमें संभावित इलाकों में तैनात कर दी गई हैं. मुम्बई, ठाणे के साथ पालघर में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है. पालघर में NDRF की दो टीमें तैनात की गई हैं. जो आज सुबह से समुद्र किनारे बसे गांवो में जाकर मकानों के सर्वे करेंगी. जिला प्रशासन की तरफ से कच्चे मकानों में रहने वालों को स्कूल और दूसरे सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने का आदेश कल ही जारी कर दिया गया था. साथ ही  मछुआरों को भी अपनी नाव वापस लाने को कहा गया है. बीएसमी ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी दी है कि सभी लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया जा रहा है.

हालांकि तूफान का असर बाकी राज्यों जैसे दिल्ली,  हरियाणा, पंजाब राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में नहीं पड़ेगा. मौसम विभाग का कहना है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ और तेज हवाओं का असर काफी कम हो जाएगा.  उन्होंने कहा कि एक जून से तीन जून तक दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है.

Source link