कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने पर रविश कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा लम्बा लेख, जरूर पढ़ें

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हाल ही में रेमन मैग्सेसे पुरुस्कार से सम्मानित किये गए पत्रकार रवीश कुमार ने khabar.ndtv.com पर एक ब्लॉग लिखा है। यह ब्लॉग हाल ही कश्मीर से हटाए गए आर्टिकल 370 और 35A के बारें में हैं। रवीश कुमार ने अपने इस आर्टिकल में आर्टिकल 370 और 35A को हटाने पर उपजे जश्न, इससे होने वाले नतीजों, कारण और कश्मीरियों के लिए प्यार देने की बात कही है।

रवीश कुमार अपने ब्लॉग की शुरुआत करते हैं, ‘कश्मीर ताले में बंद है’ से- इसका मतलब वह कह रहे हैं जिस तरह से केंद्र सरकार ने कश्मीर में इंटरनेट सुविधाएँ और कर्फ्यू लगाकर वहाँ का आम जन जीवन ठप कर दिया है। रवीश ने इस बात का भी जिक्र किया है कि किस तरह से यह आर्टिकल हटाया गया और विपक्षी पार्टियों को इस पर बहस नहीं करने दिया गया।

रवीश ने कश्मीर को कश्मीर भारत और उसके अतिरिक्त भारत को शेष भारत बुलाया है। रवीश यहाँ पर एक और महत्वपूर्ण वाक्य इस्तेमाल करते हैं कि ‘एक का दरवाज़ा बंद कर दिया गया है. एक ने दरवाज़ा बंद कर लिया है’ इसका मतलब वह कहना चाह रहें हैं कि सरकार ने जम्मू कश्मीर में कर्फ्यू लगा रखा है इस तरह से सरकार ने कश्मीर का गेट बंद कर रखा है और जो शेष भारत है वह इस आर्टिकल के हटने पर जश्न मना रहा है। इस तरह से हम कश्मीर पर ध्यान नहीं दे रहें हैं कि वहाँ क्या हो रहा है?

रवीश ने इसके अलावा राज्य की राजनीतिक पार्टियों और केंद्र की कांग्रेस और भाजपा पार्टी को आर्टिकल 370 पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने ब्लॉग में लिखा है कि दोनों पार्टियों ने इस पर अपनी राजनीति चमकाई। कांग्रेस ने आर्टिकल 370 लागू किया और स्थानीय नेताओं की गलती बताकर इसे गलत करार दिया गया।

रवीश कुमार ने इस मामले पर कश्मीर के राज्यपाल को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जो राज्यपाल दो दिन पहले कह रहा था कि उसे आगे क्या होगा कुछ नहीं पता उसने दो दिन बाद केंद्र का प्रतिनिधि बनकर आर्टिकल को हटाने के मशविरे पर हस्ताक्षर कर दिए।

रवीश कुमार ने जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करने पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से सरकार ने कश्मीर में शेष भारत के लोगों को जमीन खरीदने का अधिकार दे दिया उसी तरह सरकार नक्सली इलाको में भी लोगो को जमीन खरीदने का अधिकार दे तब जाकर भारत एक अखंड देश बनेगा।

रवीश कुमार ने आर्टिकल 370 हटाने के जश्न में भ्रामक मैसेज और अश्लील मीम्स शेयर करने को लेकर भी आगाह किया। रविश ने नोटबंदी के समय में सरकार द्वारा आतंक के कमर टूटने की बात पर ध्यान दिलाया और कहा कि नोटबंदी से कुछ नहीं हुआ। रविश कुमार ने 370 हटाने के सरकार के एकतरफा फैसले पर कहा कि एक स्वेटर बना दिया गया है सभी कश्मीरियों के लिए। सभी को चाहे पसंद हो या न हो सभी को पहनना पड़ेगा।

कश्मीरी पंडितों की हत्या और उनके विस्थापन पर भी रवीश कुमार ने कहा कि सभी कश्मीरी पंडित खुश हैं लेकिन उनके पास यह जवाब नहीं है कि उनकी कश्मीर में घर वापसी कैसे होगी।

रवीश ने अमित शाह के इस तर्क को भी धता बताया कि जिसमे अमित शाह ने कहा था कि धारा 370 को कश्मीर से हटाने पर गरीबी, भ्रष्टाचार बेरोजगारी हट जायेगी। रवीश ने कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेशों में इस तरह बाटने के पर कहा कि अगर ऐसा है तो उत्तर प्रदेश को भी आप पांच केंद्र शासित प्रदेशों में बाट दीजिए क्योकि उत्तर प्रदेश में तो और ग़रीबी, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी है।

रवीश ने उम्मीद जताई है कि कश्मीर में कर्फ़्यू की मियाद लंबी न हो. हालात सामान्य हों. उन्होंने इस जश्न को मनाने वाले लोगो से कश्मीर के लोगों की हालत भी समझने के लिए कहा।

इन सबके अलावा रवीश कुमार ने बीजेपी की सहयोगी पार्टी जनता दल युनाइटेड आर्टिकल 370 हटाने के विरोध में कहा है कि भाजपा को चाहिए कि जदयू का साथ छोड़ दें क्योकि जदयू उसके कदम का विरोध कर रही है। आपको बता दें कि भाजपा और जदयू की सरकार बिहार में है।