JNU में हुई हिंसा पर सामने आया नया रुख, किसी के खिलाफ FIR दर्ज हुई !किसी ने ली हिंसा की जिम्मेदारी

दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा में हर एक पल एक नया रुख देखने को मिल रहा है। जहाँ रविवार देर रात जेएनयू के कैंपस में घुस कर कुछ नकाबपोश द्वारा स्टूडेंट्स पर हिंसा हुई और कैंपस की प्रॉपर्टी को भी नुकसान पहुंचाया गया इस हिंसा में लगभग 23 छात्र को गंभीर चोटे भी आयी। अब इस मामले में नई अपडेट सामने आयी है की दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (जेएनयूएसयू) की अध्यक्ष आइशी घोष और 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (जेएनयूएसयू) की अध्यक्ष आइशी घोष पर यह आरोप लगया गया है की 4 जनवरी को सिक्योरिटी गार्ड पर उनके और उनके गुट द्वारा हमला किया गया था और सर्वर रूम में तोड़फोड़ भी की गई थी। पुलिस को अपनी जांच में ये पता चला की जेएनयू अध्यक्ष आइशी घोष और उसके अन्य 18 साथियो ने 4 जनवरी को दोपहर के करीब 1 बजे महिला गार्ड के साथ धक्का-मुक्की की और अन्य गार्ड के साथ गाली गलौच की, इनके कोशिश थी की CIS रूम में घुस सके। गार्ड के रोकने पर, यह लोग पीछे का शीशा तोड़कर सर्वर रूम में घुस गए. इन्होंने ऑप्टिक फाइबर केबल तोड़ दी और बायोमेट्रिक मशीन को भी नुकसान पहुचा दिया। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341 और 506 के तहत सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर FIR दर्ज की गई है।

वही जेएनयू में हुई हिंसा में पुलिस की जांच चल रही है जांच रिपोर्ट से यह सामने आया की हिंसा में लेफ्ट और एबीवीपी कार्यकर्ता शामिल थे और हिंसा के दौरान दोनों पक्षों ने अपने चेहरे नकाब से ढंके हुए थे। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि नकाब पहनकर जिन लोगों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में हिंसा की थी उनमें अखिल भारतीय विद्या परिषद (ABVP) और लेफ्ट के कार्यकर्ता ही शामिल थे. इन्हीं नकाबपोशों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में आतंक मचाया था पब्लिक प्रोपेर्ट को नुकसान पहुंचाया और यूनिवर्सिटी के छात्र को बेहरमी से पीटा और रोड से उनपर वर भी किया।

वही हिंदू रक्षा दल के प्रमुख पिंकी चौधरी का भी एक बड़ा बयान सामने आया है , उन्होंने कहा की जेएनयू लगातार देशविरोधी हरकतों का अड्डा बनता जा रहा है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, जेएनयू में जो हिंसा हुई है वो उसकी पूरी जिम्मेदारी लेते हैं. उन्होंने साथ ही यह भी कहा की हमला करने वाले उनके ही के कार्यकर्ता थे।

दिल्ली पुलिस हिंदू रक्षा दल के प्रमुख द्वारा किए गए इस दावे पर एक्टिव होगई , और जांच की बात की जा रही है तभी इस मामले पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस द्वारा में हुए हिंसा की सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।

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देश का हाल इतना बेहाल होता जा रहा है की शिक्षा के मंदिर को भी नहीं बक्शा जा रहा है, यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के लिए सबसे जय्दा सुरक्षित मानी जाती है लेकिन अब स्थिति बिल्कुल ही विपरीत विद्या को ग्रहण करने वाला स्थान , ही हिंसा का पात्र बनते जा रहा है , कुछ दुष्कर्मियों की वजह से मासूम स्टूडेंट्स जिनका इस विवाद से लेना देना भी नहीं वो भी इसकी चपेट में आरहे है और कही न कही उनका करियर और शिक्षा प्रभवित हो रही है।