अमित शाह के फ़ोन के बाद माने गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल

हाल ही में गुजरात चुनाव में भाजपा ने कुछ मुश्किलों के बाद आखिरकार छठी बार सरकार बना ही ली. बीते 25 दिसंबर को शपथ ग्रहण में विजय रुपानी मुख्यमंत्री तो नितिन पटेल उपमुख्यमंत्री बनाये गए. सब कुछ ठीक ही चल रहा था की यह ख़बरें आने लगी की उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल उनको दिए गए मंत्रालयों से खुश नहीं चल रहे हैं और इसी वजह से वो पदभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं. उन्होंने इस सम्बन्ध में एक बयान दिया जिसमे उन्होंने कहा की “मैंने पार्टी हाई कमान को अपनी भावनाओं के विषय में अवगत करा दिया है, बात किसी मंत्रालय के मिलने या न मिलने की नहीं है बल्कि स्वाभिमान की है”. आपको बता दें पिछली सरकार में वित्त और शहरी विकास मंत्रालय संभाल रहे नितिन पटेल को इस बार सड़क, स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय शिक्षा मंत्रालय सौंपे गए थे जिससे वो खुश नहीं चल रहे थे. जहाँ वित्त मंत्रालय सौरभ पटेल को सौंपा गया वहीँ शहरी विकास मंत्रालय मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने अपने पास रक्खा था. नितिन पटेल से मिलकर आये गुजरात में भाजपा के बड़े नेता एवं नरेंद्र मोदी की गुजरात सरकार में मंत्री रह चुके नरोत्तम पटेल ने कहा की, “नितिन पटेल को उनके कद के अनुसार पद और मंत्रालय दिए जाने चाहिए”. इसी बीच युवा एवं गुजरात में पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने नितिन पटेल को कांग्रेस से जुड़ने का निमंत्रण देते हुए यह कहा की “अगर वो भाजपा के द्वारा उनके साथ किये गए व्यवहार से खुश नहीं तो कांग्रेस में उनका स्वागत है”. नितिन पटेल के कुछ समर्थकों ने गुजरात और मेहसाणा (नितिन पटेल का विधायक क्षेत्र) बंद का भी ऐलान करदिया था और नितिन पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाये जाने की मांग भी की थी.

हालाँकि अब यह ख़बरें आ रही हैं की नितिन पटेल को मना लिया गया है और इसी के बाद आज वो गांधीनगर स्थित अपने कार्यालय में कार्यभार सँभालने के लिए पहुंचे. ऐसा बताया जा रहा है की अमित शाह के फ़ोन करके उन्हें समझाने के बाद उनकी नाराजगी दूर हो गयी है. सूत्रों के हवाले से यह खबरें आ रही हैं की अमित शाह ने उनको आश्वासन दिया है की पार्टी उनकी मांगो पर विचार करेगी और उचित निर्णय लेगी जो सबके हित में होगा.
नितिन पटेल ने कार्यभार सँभालते हुए यह बयान दिया की, “अमित शाह ने मुझ पर भरोसा जताया है, इसलिए मैंने पदभार संभाल लिया है। मैंने सुबह कैबिनेट की बैठक में मुख्‍यमंत्री रूपाणी के साथ हिस्सा भी लिया”. नितिन पटेल ने आगे बयान दिया की, “मैं कोई विशेष मंत्रालय की मांग नहीं कर रहा था मेरी बस यही इच्छा थी की जिन मंत्रालयों को मैं पहले से देखता आ रहा था उन्हें मुझे ही सौंपा जाए”.

आपको बता दें की नितिन पटेल ने इससे पूर्व कांग्रेस से न जुड़ने की ओर इशारा करते हुए कहा था की “मैं किसी हाल में भाजपा से इस्तीफ़ा नहीं दूंगा, जो भी दिक्कतें हैं उन्हें पार्टी के स्तर पर सुलझा लूंगा”.