प्रधानमंत्री मोदी का शहीदो के नाम पर वोट मांगना आचार संहिता का उल्लंघन नही

चुनाव आयोग ने कल यानी कि बुधवार को यह स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी का बयान जिसमे उन्होने देश में पहली बार वोट देने जा वोटरों को उनका पहला वोट पुलवामा शहीदों के नाम समर्पित करने को कहा था, वो  आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है. चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह बयान चुनाव आयोग के उन निर्देशों का उल्लंघन नही करता है जिसमे सशस्त्र बलों का ज़िक्र चुनावी सभाओं में न करने को कहा गया था.

मालूम हो कि 9 अप्रैल को महाराष्ट्र के लातूर में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था कि, “मैं पहली बार मतदान करने वालो से कहना चाहता हूँ, क्या आपका पहला वोट उन वीर जवानों को समर्पित हो सकता है जिन्होंने पुलवामा पर हमले किया.

मालूम हो कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उस्मानाबाद के चुनाव निरीक्षक ने 11 पन्नो के भाषण की प्रति भेजी थी जिसका गहन परीक्षण करने के बाद ही ये फैसला लिया गया है. इस मसले पर चुनाव आयोग का मानना है कि किसी भी तरह के प्रावधानों या परामर्शों का कोई भी उल्लंघन नहीं किया गया है.

हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि स्थानीय चुनाव अधिकारी ने कहा था कि प्रथम दृष्टया ये चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन था. अब जबकि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री को क्लीन-चिट दे दी है, तो सारा मसला यही पर ख़त्म हो जाता है.