रहने के मामले में पुणे टॉप पर, दिल्ली दूर-दूर तक नहीं

इज ऑफ़ लिविंग माने ‘जीवन सुगमता सूचकांक’ की लिस्ट सोमवार को  आवास एवं शेहरी विकास मंत्रालय ने जारी की. इस सूचि में देश की राजधानी दिल्ली का नाम दूर-दूर तक नहीं है. वही पुणे, नवी मुबई और ग्रेटर मुंबई अव्वल स्थान पर है.

आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सूचकांक जारी करते हुए बताया कि इसमें पुणे अव्वल रहा है. नवी मुंबई को दूसरा तथा ग्रेटर मुंबई को तीसरा स्थान मिला है. अन्य प्रमुख महानगरों में चेन्नई को 14वां स्थान और नई दिल्ली को 65वां स्थान प्राप्त हुआ है. वही कोलकाता ने इसमें हिस्सा ही नहीं लिया.

चार मापदंडो पर तय होता है ‘जीवन सुगमता सूचकांक’

पुरी ने कहा कि जीवन सुगमता सूचकांक चार मानदंडों-शासन, सामाजिक संस्थाओं, आर्थिक एवं भौतिक अवसंरचना श्रेणियों में कुल 20 मानकों पर आधारित है. सूचकांक के अन्य मानकों प्रशासनिक सहूलियतें, आधारभूत ढांचागत सुविधायें, सामाजिक एवं आर्थिक सुविधाओं के मामले में भी नयी दिल्ली शीर्ष दस शहरों की सूची में जगह नहीं बना पाई है.

सिर्फ ओपन स्पेस फॉर पब्लिक के मामले में अव्वल, बाकि मामलो में फिसड्डी साबित हुई दिल्ली

सूचकांक में सिर्फ सार्वजनिक खुले इलाके (पब्लिक ओपन स्पेस) के मामले में दिल्ली पहले स्थान पर रही, जबकि स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में सबसे पीछे अर्थात 111वें स्थान पर, अर्थ एवं रोजगार के मामले में 109वें, शिक्षा और प्रदूषण कम करने के मामले में 100वें, बिजली आपूर्ति के मामले में 101वें, सुरक्षा के मामले में 65वें, जलापूर्ति के मामले में 57वें, ठोस कचरा प्रबंधन के मामले में 50वें और उपयोग में लाये जा चुके पानी के प्रबंधन के मामले में 25वें स्थान पर रही.

वाराणसी रहा 33वे नंबर पर

पीएम मोदी का संसदिये क्षेत्र वाराणसी 33 वें स्थान पर रहा. बाकि मामले जैसे कूड़ा प्रबंधन में वाराणसी चौथे स्थान पर रहा. वही सुरक्षा के मामले में बनारस 103 स्थान पर रहा.