Railway News: स्टेशन में हॉकर या कैंटीन चलाने वाले से ही नहीं रात में वहां सोने वाले से भी वसूली करते थे आईआरटीएस अधिकारी

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Railway News: स्टेशन में हॉकर या कैंटीन चलाने वाले से ही नहीं रात में वहां सोने वाले से भी वसूली करते थे आईआरटीएस अधिकारी

मुंबई
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल (CSMT) रेलवे स्टेशन (Railway Station) के स्टेशन डाइरेक्टर (Station Director) रहे जी एस जोशी के बारे में हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं। भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) में 2009 बैच के अधिकारी जी. एस. जोशी न सिर्फ स्टेशन परिसर में स्थित स्टॉल, पार्सल कार्यालय, कैंटीन, फेरीवालों से वसूली करते थे बल्कि वे स्टेशन परिसर में सोने वाले लोगों से भी रिश्वत मांगते और स्वीकार करते थे। उसी रेलवे स्टेशन के एक कंट्रेक्टर ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को दी गई अपनी शिकायत में यह आरोप लगाया है। सीबीआई ने बीते शनिवार को ही रिश्वत मामले में आरोपी आईआरटीएस अधिकारी जी एस जोशी और एक अन्य रेलवे अधिकारी बाबू को गिरफ्तार किया था।

पे एंड यूज टॉयलेट चलाने वाले ने दी थी शिकायत
फ्री प्रेस जर्नल की एक खबर में यह जानकारी सामने आई है। इसमें सीबीआई के हवाले से बताया गया है कि सीएसएमटी में पे एंड यूज पब्लिक टॉयलेट (Pay & Use Public Toilet) चलाने वाले शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। उसकी शिकायत के आधार पर सीबीआई ने बीते 23 जुलाई को जोशी और बाबू के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और जोशी के कथित निर्देशों पर शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के लिए बाबू को पकड़ा।

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कर्मचारियों को पहचान पत्र देने के लिए रिश्वत
सीबीआई को दी गई अपनी शिकायत में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था— “सार्वजनिक शौचालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को पहचान पत्र जारी करने के लिए जोशी रिश्वत मांगते थे। शौचालय में काम करने वाले ज्यादातर कर्मचारी अस्थायी होते हैं। वे बार-बार काम छोड़ देते हैं। इसलिए, नए कर्मचारियों को बार-बार नियुक्त किया जाता है। ऐसे कर्मचारियों के पहचान पत्र जारी करने के लिए जोशी प्रति पहचान पत्र 1,000 रुपये की रिश्वत मांगा करते थे। यही नहीं, जोशी लगभग दैनिक आधार पर मेरे कर्मचारियों से 50 रुपये और 100 रुपये की छोटी राशि की मांग और वसूली भी करते रहते थे।”

हर जगह से वसूली होती थी
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कुछ और जानकारी दी है— “जोशी को लगभग हर स्टॉल, पार्सल ऑफिस, कैंटीन, हॉकर, अन्य निजी ठेकेदारों और यहां तक कि उन व्यक्तियों से रिश्वत की राशि मांगने और स्वीकार करने की आदत है जो अवैध रूप से स्टेशन परिसर में सोते हैं। इस तरह वह उनसे हर महीने ढेर सारे पैसे वसूलते थे। जोशी ने फोन पर मेरे एक कर्मचारी से यह भी कहा था कि उसे मेरे सभी कर्मचारियों द्वारा 50 से 100 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर वह जुर्माना लगाएगा और मेरा कांट्रेक्ट जारी नहीं रहने देगा। मेरे कर्मचारियों ने इस बातचीत को रिकॉर्ड भी किया था।”

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बीते शनिवार को हुई थी गिरफ्तारी
आईआरटीएस अधिकारी जोशी की गिरफ्तारी बीते शनिवार को हुई थी। मध्य रेलवे के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जोशी प्रोमोटी अधिकारी हैं।

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