राम मंदिर दान में गबन के आरोप, ट्रस्ट को कानूनी नोटिस, यूपी सरकार ने बनाई एसआईटी
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेजकर 2021-22 से 2025-26 तक के दान-खर्च का ब्योरा तीन दिन में मांगा है। सपा नेता पवन पांडे ने करीब 7-7.5 करोड़ गबन का आरोप लगाया, जिसे चंपत राय ने खारिज किया। यूपी सरकार ने एसआईटी बनाकर पूछताछ शुरू की।
राम मंदिर के दान में गबन के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास, महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी समेत अन्य को कानूनी नोटिस जारी किया है। नोटिस में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के दान और खर्च का वित्तीय विवरण तीन दिन में सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
एसआईटी जांच और दावे
आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने चंपत राय और उनके करीबी रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव से पूछताछ की, साथ ही टिन्नू यादव की संपत्ति का विवरण खंगाला जा रहा है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे ने दावा किया कि दान में से लगभग 7 से 7.5 करोड़ रुपये का गबन हुआ। चंपत राय ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।



