Sunday, August 9, 2020
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उच्चतम न्यायालय का पद्मावत के लिए सबसे उच्च फैसला ­­­

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संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर हुए ताज़ा विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है. दरअसल कुछ असामाजिक तत्वों की धमकियों के कारण देश के चार राज्यों राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा की सराकारों ने फिल्म की रिलीज़ पर बैन लगा दिया है. वहीँ सेंसर बोर्ड के नियमों और शर्तों को मानकर पद्मावत की रिलीज़ के लिए तैयार फिल्म के निर्माता वायकॉम 18 इस बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गए.

कोर्ट ने कहा कानून व्यवस्था सरकार की ज़िम्मेदारी

आज सुप्रीम कोर्ट में चार राज्यों में बैन के खिलाफ बहस हुई. सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों में बैन को असंवैधानिक करार दे दिया. वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने निर्माताओं का पक्ष रखते हुए कहा, सेंसर बोर्ड की ओर से पूरे देश में फ़िल्म के प्रदर्शन के लिए सर्टिफिकेट मिला है. ऐसे में राज्यों का ये प्रतिबंध असंवैधानिक है. उसे हटाया जाए. साल्वे ने कहा, “राज्यों का पाबंदी लगाना सिनेमैटोग्राफी एक्ट के तहत संघीय ढांचे को तबाह करना है. राज्यों को इस तरह का कोई हक नहीं है. लॉ एंड आर्डर की आड़ में राजनीतिक नफा नुकसान का खेल हो रहा है.”

इसके बाद चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया की बेंच ने कहा, राज्यों में क़ानून व्यवस्था बनाना राज्यों की जिम्मेदारी है. यह राज्यों का संवैधानिक दायित्व है. संविधान की आर्टिकल 21 के तहत लोगों को जीवन जीने और स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, राज्यों का नोटिफिकेशन गलत है. इस नोटिफिकेशन से आर्टिकल 21 के तहत मिलने वाले अधिकारों का हनन होता है. यह राज्यों का दायित्व है कि वह क़ानून व्यवस्था बनाए. राज्यों की यह भी जिम्मेदारी है कि फिल्म देखने जाने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल मिले.

बता दें कि इस फैसले से पहले अटार्नी जनरल ने राज्यों का पक्ष रखने के लिए सोमवार का वक्त मांगा था. लेकिन कोर्ट ने पहले ही फैसला सुना दिया. अब आशानका जतायी जा रही है कि प्रतिबंध लगाने वाले चार राज्य सोमवार को अपना पक्ष रखेंगे.

निर्माताओं ने की पूरी तैयारी

खबर है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने आपात बैठक बुलाई है. इस बैठक में सरकार पद्मावत पर अपने अगले क़दम पर विचार करेगी.

वहीँ पद्मावत के निर्माता देशभर के सिनेमाघरों में 24 जनवरी को इसका पेड प्रीव्यू रखेंगे. ‘पद्मावत’ के डिस्ट्रीब्यूटर्स 24 जनवरी की रात 9.30 बजे स्क्रीन होने वाले शोज का भुगतान करके उसकी जगह ‘पद्मावत’ को स्क्रीन करेंगे. फिल्म एक्सपर्ट की राय में ऐसा करने से ‘पद्मावत’ के मेकर्स को फिल्म को लेकर चल रही अफवाह को गलत साबित करने का मौका मिलेगा. साथ ही, फिल्म देखने के बाद लोगों की पॉजिटिव रिस्पोंस फिल्म के लिए फायदेमंद होगा.

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