पद्मावत विवाद: स्वामी अग्निवेश की याचिका पर खफा हुआ सुप्रीम कोर्ट, कहा अब जौहर का दौर गया

फिल्म निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ को रिलीज़ हुए तीन महीने का वक़्त हो चुका है लेकिन अब तक फिल्म से जुड़ा विवाद थमने का नाम नही ले रहा है. अब भी इस फिल्म पर कोर्ट केस चल रहे हैं.  ऐसे ही एक केस में सोमवार को ‘पद्मावत’ के निर्माता को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है.

फिल्म में रानी पद्मावती के जौहर के सीन को हटाने और निर्माता के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने फिल्म से जौहर के सीन को हटाने की मांग को भी ठुकरा दिया है. इस याचिका की सुनवायी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा ने की. सीजीआई ने स्वामी अग्निवेश की सति प्रथा की याचिका को खारिज करते हुए खासी नाराज़गी जताई. उन्होंने कहा कि क्या आपको लगता है कि फिल्म देखने के बाद कोई जौहर करेगा? इन वर्षों में महिला सशक्तिकरण में वृद्धि हुई है.

बता दें कि, स्वामी अग्निवेश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि फिल्म के इस सीन से जौहर प्रथा का महिमामंडन किया गया है. स्वामी अग्निवेश ने ये भी मांग की थी कि फिल्म निर्माता के खिलाफ FIR दर्ज की जाए. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा कि राई का पहाड़ मत बनाए.

मालूम हो कि, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर यह फिल्म विवादों की वजह से महीनेभर बाद रिलीज़ हो पाई थी. इसके बावजूद पद्मावत को कई राज्यों में बैन कर दिया गया था. रिलीज डेट सामने आते ही राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा में फिल्म दोबारा बैन हुई जिसे सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया. राजस्थान, मध्यप्रदेश सरकारें कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए फिर कोर्ट पहुंची पर सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार से हिंसक विरोध की तस्वीरें लगातार सामने आने लगी थी.

थिएटर में अपनी रिलीज़ के कुछ हफ्तों के बाद, ‘पद्मावत’ को अमेज़न प्राइम वीडियो पर लॉन्च कर दिया गया है जिसके तहत अब दुनिया भर के लोंगों के साथ ही बैन हुए राज्यों के लोग भी अब ‘पद्मावत’ को पाएं.

वहीँ फिल्म के तीनो मुख्या किरदारों को हर तरफ से सराहना मिली. इतने जगह बैन होने के बावजूद ये फिल्म साल की सबसे सफल फिल्मों में शुमार है.