अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में मिडिल सीट बुकिंग मामले पर अब कोई दखल नहीं देगा सुप्रीम कोर्ट

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में मिडिल सीट बुकिंग मामले पर अब कोई दखल नहीं देगा सुप्रीम कोर्ट

वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाया जा रहा है. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • बीच की सीटें खाली न रहने पर कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
  • 6 जून तक ही कर सकते हैं मिडिल सीट की बुकिंग
  • विदेशों में फंसे भारतीयों को लाया जा रहा है वापस

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में एयर इंडिया (Air India) में बीच की सीट की बुकिंग वाले मामले में अब दखल देने से इनकार कर दिया है. शीर्ष अदालत ने बुधवार को कहा कि पिछले सप्ताह एक अंतरिम आदेश पारित करने के बाद भ्रम पैदा नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने पिछले हफ्ते केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि बाहर फंसे भारतीयों को लाई जा रही फ्लाइट्स में बीच की सीटों पर बुकिंग न की जाए. कोर्ट ने अगले 10 दिनों तक के ही लिए इसमें छूट दिया था.

कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वो अब इस मामले में दखल नहीं देगा. कोर्ट की ओर से कहा गया, ‘हमने केंद्र को फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए कहा और वे अब ऐसा कर रहे हैं. उन्होंने जो कुछ भी किया है, वह कितना भी बुरा क्यों न हो, लेकिन ये अंतरिम व्यवस्था 10 दिनों तक जारी रहेगी.’

बता दें कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि एक समिति मामले की जांच कर रही है. केंद्र ओर एयर इंडिया का पक्ष देख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नागरिकों का स्वास्थ्य सबसे ऊपर है. इसपर कोर्ट ने कहा कि उसे भरोसा है कि समिति सभी संबंधित पहलुओं को ध्यान में रखेगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट अब मामले को आखिरकार तय करे. दरअसल, एक अर्जी में हाईकोर्ट की बजाए सुप्रीम कोर्ट से ही कुछ जरूरी आदेश मांगे गए थे.

कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा था?

बता दें कि पिछले हफ्ते के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए चलाई गई एयर इंडिया की फ्लाइटों में बीच की सीट खाली होना जरूरी है. कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि सरकार और एयरलाइन को लोगों की चिंता करनी चाहिए. बीच की सीट को खाली न रखने का सर्कुलर परेशान करने वाला है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अगले दस दिनों (6 जून) तक विमानों के बीच की सीट की बुकिंग की इजाजत है. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बीच की सीट पर यात्रा को इजाजत नहीं दी जाएगी. 

इस पर SG तुषार मेहता की ओर से दलील दी गई थी कि सर्कुलर लॉकडाउन से पहले का था और ये सिर्फ घरेलू उड़ानों के लिए था. एक्सपर्ट कमेटी ने रिपोर्ट दी है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बीच की सीट खाली रखने की जरूरत नहीं है क्योंकि विमान में हवा सरकुलेट होती है. टेस्टिंग और क्वारंटाइन ही सही कदम है. इसके तहत सात दिन संस्थानिक क्वारंटाइन और सात दिन होम क्वारंटीन में रखे जाने का नियम है. उन्होंने कहा कि विदेशों में फंसे परिवार परेशान हैं और चिंतित भी हैं. सरकार के पास इतने विमान नहीं हैं. 16 जून तक बीच की सीटों पर बुकिंग की गई है.

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