आतंकवादी हमला: कश्मीर में कांग्रेस नेता गुलाम नबी पटेल पर गोलीबारी, मौके पर ही मौत, पुलिसकर्मी घायल

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। घाटी से एक बड़े आतंकी हमले की खबर आ रही है। ये वाकया बुधवार को दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के राजौरा में हुआ। आतंकियों ने स्थानीय कांग्रेस नेता गुलाम नबी पटेल पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिस वक्त आतंकवादियों ने हमला किया, गुलाम नबी पटेल कार से यात्रा कर रहे थे। इस आतंकी हमले में उनके दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (PSO) भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद आतंकवादी घटनास्थल से फरार हो गए। आतंकवादी हमले के बाद उनकी सर्विस रायफल भी लेकर चले गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पटेल का घर शादीमार्ग इलाके में था। गोलियां लगने के बाद उन्हें अस्पताल भी ले जाया गया। लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

इस हमले में घायल PSO की पहचान इम्तियाज़ अहमद पुत्र मोहम्मद हसन और बिलाल अहमद डार पुत्र राशिद डार के रूप में हुई है। आतंकियों ने इम्तियाज अहमद के सीने और बिलाल अहमद डार के बाएं पैर पर गोली दागी। हमले में घायल हुए दोनों PSO को इलाज के लिए श्रीनगर भेजा गया है। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। घटनास्थल के आसपास सेना और पुलिस ने घेरेबंदी शुरू कर दी है। इलाके में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। हर आने-जाने वाले वाहन की सघन जांच शुरू कर दी गई है।

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आतंकी द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या किए जाने की कड़ी आलोचना की है। बता दें कि पटेल पहले राज्य में सत्तारूढ़ पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ थे। पीडीपी की नेता और जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पटेल की मौत पर संवेदना प्रकट की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि मेरी हार्दिक संवेदनाएं वरिष्ठ कांग्रेस नेता के परिवार के साथ है। जीएन पटेल, जिनकी आतंकवादियों ने आज राजपोरा में हत्या कर दी ​है। ये एक कायरतापूर्ण हरकत के अलावा कुछ भी नहीं है। इसने एक और परिवार को उजाड़कर रख दिया है

यह पहली बार नहीं है, जब आतंकियों ने राजनीतिक दल से जुड़े किसी शख्स पर हमला किया है। इससे पहले पिछले साल पुलवामा में आतंकियों ने पीडीपी नेता अब्दुल गनी पर गोलीबारी की थी, जिसमें इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उन पर आतंकियों ने उस वक्त हमला बोला था, जब वो अपनी ही पार्टी के नेताओं से मिलने जा रहे थे। इसके अलावा पिछले साल ही आतंकियों ने राजपोरा इलाके के कस्बायर इलाके में 45 वर्षीय पीडीपी कार्यकर्ता बशीर अहमद डार और उनके चचेरे भाई अल्ताफ अहमद डार पर हमला किया था, जिसमें दोनों घायल हो गए थे और इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।