3 बार दफनाने के बाद भी नहीं सड़ा इस संत का शरीर

गोवा अपने खूबसूरत समुद्र तटोंके अलावा बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च’ के लिए भी बहुत फेमस है। गोवा में हर साल की तरह इस साल भी 6 से 9 फरवरी तक कार्निवल का आयोजन होगा। इस फेस्टिवल में भाग लेने के लिए देशों से ही नहीं विदेशों से भी लोग आते है। इस कार्निवल की शुरुवात 18वीं सदी में हुई थी। कार्निवल के दौरान बहुत से लोग गोवा में घूमने आते है, यहां पर एक ऐसा ही प्रसिद्ध और शुमार ‘बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च’ है जहां पर लोग दूर- दूर से आते है। जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है. आप ऐसा कह सकते है कि जैसे किसी मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़. यह काफी दिलस्प वाली बात है कि किसी का मृत शरीर 400 साल से भी अधिक पुराना हो और खराब भी न हुआ है।

बता दें कि गोवा में 450 साल से भी अधिक सेंट फ्रांसिस जेवियर का शरीर सुरक्षित रखा गया है। आप जानकार हैरान रह जायेगे कि 400 साल से भी अधिक पुरानी यह डेड बॉडी अभी तक खराब नहीं हुई है। ऐसा कहा जाता है कि फ्रांसिस जेवियर की डेड बॉडी में आज भी दिव्य शक्तियां विद्यमान है जिसके वजह से वो अभी तक सुरक्षित है।

सेंट फ्रांसिस जेवियर एक संत होने से पहले एक बतोर सिपाही के रूप में कार्य करते थे. ऐसा भी कहा जाता है कि सेंट फ्रांसिस जेवियर इग्नाटियस लोयोला जीसस के आदेशों के संस्थापक थे। उन्होंने भारत समेत चीन, जापान के कई लोगों को ईसाई धर्म में दीक्षा दी। इतना ही नहीं पुर्तगाल के राजा जॉन थर्ड और उस वक्त के पोप ने जेसुइट मिशनरी बनाकर फ्रांसिस जेवियर को धर्म के प्रचार के लिए भारत भी भेजा गया था. जिसके बाद उन्होंने चीन में समुद्र यात्रा के दौरान अपने प्राणों को त्याग दिया था।

इस संत की बॉडी से जुड़ी यह कहानी अब पुरे देश और विदेश में विख्यात है. सेंट फ्रांसिस जेवियर ने मृत्यु से पहले दिव्य शक्तियों के जरिए आपने हाथ को अपने शरीर से अलग कर दिया था। ये हाथ उन्होंने अपनी पहचान के तौर पर रोम से आने वाले संतों के डेलिगेशन के लिए रखा था। इसी के साथ उन्होंने आपने शिष्यों को एक चिट्ठी भी प्रदान की थी। सेंट फ्रांसिस जेवियर का आज भी चर्च में अलग उनका अलग हाथ मौजूद है।

इन सभी में हैरान कर देने वाली बात ये थी कि जेवियर की इच्छा थी कि गोवा में उनके मृत्यू से पहले उनके शव को दफना दिया जाए। जिसके बाद उनके शिष्यों ने उनकी इच्छा का मान रखते हुए, गोवा में उनका पार्थिव शरीर दफना दिया था, लेकिन कुछ सालों बाद रोम से आए संतों के डेलिगेशन ने उनके शव को कब्र से बाहर निकालकर फ्रांसिस जेवियर चर्च में दोबारा दफनाया। ऐसा कहा जाता है कि कुल तीन बार उनके शव को दफनाया गया। पर हर बार संत का शरीर वैसी ही अवस्था में था जैसे उन्हें पहले दफनाया गया था। यह कहानी भी प्रचलित है कि संत के शरीर में दिव्य शक्तियां हैं।

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आज भी बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस के चर्च में सेंट फ्रांसिस जेवियर की डेड बॉडी रखी गई है। जिसे देखने के लिए आज भी दर्शक आते है. जिस डेड बॉडी लोगो के समक्ष प्रस्तुत लिया जाता है। इस बॉडी को कांच के एक ताबूत में रखा गया है। एक तरफ जहां पर लोगों के मृत शरीर कुछ ही महीनो के अन्दर ही गलने और खराब होने लगती है, वही दूसरी ओर 400 साल से भी ज्यादा इस बॉडी को कोई नुकशान नहीं पहुंच और अभी तक खराब भी नहीं हुई है। इतना ही नहीं ऐसी भी खबर सामने आयी कि एक महिला ने उनकी बॉडी में सुई चुभा दी जिसके बाद उनकी बॉडी से खून निकलने लगा। सही में ये एक अद्भुत कहानी है।