बाघ के रेलवे लाइन के बीच आने के कारण रोकनी पड़ी ट्रेन

बाघ के रेलवे लाइन के बीच आने के कारण रोकनी पड़ी ट्रेन
बाघ के रेलवे लाइन के बीच आने के कारण रोकनी पड़ी ट्रेन

बाघ के रेलवे लाइन के बीच आने के कारण रोकनी पड़ी ट्रेन

कोरोना वायरस के कारण पूरे भारत में प्रधानमंत्री द्वारा लाकॅडाउन के आदेश जारी कर दिए गए. जिसके बाद भारतीय रेलवे ने भी अपनी ट्रेन ना चलाने का फैसला लिया. लेकन जरूरी सामान की पूर्ति होती रहे, इसके लिए मालगाड़ी अभी भी चल रही है. मानिकपुर-सतना रेलवे लाइन पर 31MArch मंगलवार की रात करीब साढ़े 11 बजे एक मालगाड़ी मझगवा व इटवा स्टेशन के बीच से गुजर रही थी।

तभी चालक को रेलवे लाइन पर सामने कुछ दिखाई दिया. जब उनको पता चला कि सामने बाघ रेलवे लाइन पर आ गया है. तो उसको हटाने के लिए काफी देर तक चालक ने ट्रेन को रोक कर हार्न बजाया. लगभग 10 मिनट तक चालक बाघ के हटने का इंतजार करता रहा. उसके बाद बाघ के चले जाने के बाद चालक को ट्रेन को आगे बढ़ाने के निर्देश मिले।

ट्रेन के सामने बाघ आने की जानकारी चालक ने रेलवे अधिकारियों को दी. बुधवार की सुबह वन विभाग के मप्र के अधिकारियों ने पहुंचकर बाघ के पैर के चिन्हों को देखा. आपको बता दे मानिकपुर सतना रूट में घना जंगल पड़ता है. इसमें एक बाघ और बाघिन घूम रहे हैं. जो आए दिन रेलवे ट्रक में खडे़ हो जाते हैं।


मंगलवार की रात 11 बजकर 30 मिनट में मानिकपुर से सतना एक मालगाड़ी जा रही थी. जब वह मप्र के मझगवा व इटवा स्टेशन के बीच पहुंची तो एक बाघ रेलवे पटरी पर खड़ा दिखा चालक ट्रेन को रोककर हार्न बजाता रहा. जब बाघ वहां से हटा तो ट्रेन को आगे बढ़ाया. मामले की जानकारी रेलवे के अधिकारियों को दी।

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चित्रकूट बाघों की जान ट्रेनों से बचाने के लिए सतना वन मंडल ने रेलवे लाइन के किनारे 500 मीटर पर फेंसिंग करने के लिए प्रस्ताव पास कर दिया है, जबकि यूपी क्षेत्र में ऐसा कोई प्रस्ताव पास नहीं किया गया. इस रूट पर ट्रेन से कई तेंदुओं और अन्य जीव जंतुओं की मौत हो चुकी है।