सड़क पर गड्ढों की वजह से मौत के मामले में यूपी अव्वल, मध्य प्रदेश भी टॉप 3 में शामिल

आये दिन खराब सड़को की वजह से देश के कई राज्यों में एक्सीडेंट की खबरें आती रहती है, लेकिन ना तो अधिकारियों का इस पर ध्यान जाता है और ना ही सरकारों का. आलम यह है की हर साल खराब सड़को की वजह से यह आकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. यह बेहद ही शर्मनाक बात है की देशभर में लोगों किस तरह से लोगों को अपनी जवान गवानी पड़ रही है. बता दें देश भर में सड़क के गडढों की वजह से होने वाली कुल मौतों का यह 9.3 फीसदी हिस्सा है.

शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की सड़को को अमेरिका की सड़को से बताया था बेहतर

बात ज्यादा पुराणी नहीं है जब मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की सड़को की तुलना ना सिर्फ अमेरिका की सड़को से की थी बल्कि उनसे बेहतर भी बताया था. उनके इस बयान को लेकर हालांकि उन्हें काफी आलोचनाओ का सामना भी करना पड़ा था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी द्वारा सड़कों पर होने वाले गड्ढों से होने वाली मौतों पर आई हालिया रिपोर्ट में मध्य प्रदेश को टॉप-3 में जगह दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 2013 से 2017 के बीच 1385 लोगों की जान जाने का कारण सड़कों के गड्ढे रहे हैं.

उत्तरप्रदेश में 4415 लोगों की मौत, वही महाराष्ट्र में गड्ढों की वजह से 2136 लोगों की गई जान

बता दें देशभर में गड्ढों के कारण हुई कुल मौत में सबसे ज्यादा मौते 4415 उत्तर प्रदेश में हुई हैं. वहीं 2136 मौतों के साथ महाराष्ट्र सड़कों पर गड्ढों की वजह से होने वाली मौतों पर दूसरे नंबर पर रहा. सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने सड़क के गड्ढों से हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में 4 सितंबर को परिवहन, नगरीय विकास विभाग और पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रमुख सचिवों को तलब किया है. कमेटी ने इस मामले में गुजरात, बिहार आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल के अफसरों को भी तलब किया है.

सड़को को बढ़िया बनाने, और पीड़ितो को मुआवजे देने पर भी किया जायेगा विचार

बैठक में गड्ढों से होने वाली मौतों को कम करने के अलावा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा. साथ ही इस बात पर भी विचार किया जाएगा कि कैसे सड़कों पर गड्ढे से होने वाली मौतों पर लगाम लगाई जा सके. कमेटी द्वारा मुआवजे के लिए हर राज्य में एक कमेटी के गठन पर भी विमर्श किया जा सकता है.