अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने की चीन की आलोचना, कहा- भारत की LAC के पास पहुंच गई है चीनी सेना

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने की चीन की आलोचना, कहा- भारत की LAC के पास पहुंच गई है चीनी सेना

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – फाइल फोटो

खास बातें

  • चीन की सैन्य हरकतों पर माइक पॉम्पियो का बयान
  • कहा- सत्तावादी शासन की तरह पेश आ रहा चीन
  • ‘भारत के लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के करीब पहुंची चीनी सेना’

वॉशिंगटन:

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने सोमवार को कहा कि चीन असली अथॉरिटेरियन रिजीम यानी सत्तावादी शासन की तरह हरकतें कर रहा है. उन्होंने कहा कि सत्तावादी शासन की तरह कदम उठाते हुए चीन ने अपनी सेना को भारत की लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (Line of Actual Control- LAC) के करीब तक भेज दिया है. माइक पॉम्पियो ने AEI (American Enterprise Institute) मार्क थिसेन और डेनिएल लेट्का के पॉडकॉस्ट ‘What The Hell Is Going On?’ में बातचीत में कहा कि ‘हम लगातार देख रहे हैं कि चीन उत्तरी भारत की सीमा की लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के पास अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है.’

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बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों में लद्दाख और उत्तरी सिक्किम के कई इलाकों में चीनी और भारतीय सेना की मौजूदगी बढ़ी है, जिससे कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव सामने आया है.

चीन पर हमला करते हुए पॉम्पियो ने कहा कि चीन कोरोनावायरस से फैली कोविड-19 महामारी को लेकर दुनिया भर में अपनी भूमिका निभाने में देरी करता रहा. हॉन्ग-कॉन्ग में वो लोगों की स्वतंत्रता पर हमला कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के ये कदम उसका चेहरा दिखाते हैं. वो दक्षिणी चीनी सागर में मौजूदगी बढ़ा रहे हैं, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी चुरा रहे हैं. ऐसे कदम सत्तावादी शासन उठाती है और वो जो कर रहे हैं, उसका असर बस चीनी लोग या फिर हॉन्ग-कॉन्ग के लोगों पर ही नहीं पडे़गा, पूरी दुनिया पर पड़ेगा.

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इन कदमों सहित भारत की सीमाओं पर जो चीन कर रहा है, वो हमेशा से करता रहा है. उन्होंने कहा, ‘ये बस पिछले छह महीनों की बात नहीं है. हमने देखा है कि चीन पिछले कई सालों से अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा है और बहुत ही उग्र कदम उठा रहा है. इसी क्रम में वो दुनिया भर में कई जगहों पर बंदरगाह या बेल्ट या फिर रोड इनीशिएटिव चला रहे हैं. ऐसी जगहों पर जहां वो अपनी नेवी की मौजूदगी बढ़ा सकें. हम लगातार उनको अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाते हुए देख रहे हैं.’

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