‘रात के 12 बज चुके हैं, हमारे पास महाराष्ट्र सरकार से कल की 125 ट्रेनों की डिटेल्स और पैसेंजर लिस्टें नहीं आई हैं’

‘रात के 12 बज चुके हैं, हमारे पास महाराष्ट्र सरकार से कल की 125 ट्रेनों की डिटेल्स और पैसेंजर लिस्टें नहीं आई हैं’

इसके बाद किए ट्वीट में पीयूष गोयल लिखते हैं, ‘मेरा अनुरोध है कि महाराष्ट्र सरकार अभी भी अगले एक घंटे में कितनी ट्रेन, कहां तक और पैसेंजर लिस्टें हमें भेज दें. हम प्रतीक्षा कर रहे हैं और पूरी रात काम कर कल की ट्रेनों की तैयारी करेंगे. कृपया पैसेंजर लिस्टें अगले एक घंटे में भेज दें.’

रात दो बजे एक बार फिर रेल मंत्री ट्वीट करते हैं, ‘महाराष्ट्र की 125 ट्रेनों की लिस्ट कहां है? रात दो बजे तक, केवल 46 ट्रेनों की लिस्ट मिली है, जिसमें से 5 पश्चिम बंगाल और ओडिशा की हैं, जो चक्रवात अम्फान के कारण नहीं चल सकती हैं. हम 125 ट्रेनों के लिए तैयार होने के बावजूद आज के लिए केवल 41 ट्रेनों को अधिसूचित कर रहे हैं.’

बता दें कि रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार देर शाम सबसे पहले ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘उद्धव जी, आशा है आप स्वस्थ है, आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभेच्छा. कल हम महाराष्ट्र से 125 श्रमिक स्पेशल ट्रेन देने के लिए तैयार है. आपने बताया कि आपके पास श्रमिकों की लिस्ट तैयार है. इसलिए आपसे अनुरोध है कि सभी निर्धारित जानकारी जैसे, कहां से ट्रेन चलेगी, यात्रियों की ट्रेनों के हिसाब से सूची, उनका मेडिकल सर्टिफ़िकेट और कहां ट्रेन जानी है, यह सब सूचना अगले एक घंटे में मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पहुंचाने की कृपा करें, जिससे हम ट्रेनों की योजना समय पर कर सके.’

वह आगे लिखते हैं, ‘उम्मीद है कि पहले की तरह ट्रेन स्टेशन पर आने के बाद, वापिस खाली ना जानी पड़े. आपको आश्वस्त करना चाहूंगा कि आपको जितनी ट्रेन चाहिए वो उपलब्ध होंगी.’ एक अन्य में रेल मंत्री ने लिखा, ‘TV के माध्यम से पता चला कि महाराष्ट्र सरकार ने 200 ट्रेनों की लिस्ट भारतीय रेल को देने का दावा किया है, पर कल चलने वाली एक भी ट्रेन के यात्रियों की लिस्ट GM मध्य रेल के पास फॉलोअप के बाद भी नहीं आई है. कृपया लिस्टें जल्दी देने की कृपा करें.’

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पीयूष गोयल ने अगला ट्वीट किया, ‘दुख की बात हैं कि 1.5 घंटे हो गए हैं पर महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे के GM मध्य रेल को, कल की 125 ट्रेनों की निर्धारित जानकारी नहीं दी है. ट्रेन प्लान करने में समय लगता है और हम नहीं चाहते कि ट्रेनें स्टेशन पर आकर खाली खड़ी रहे, इसलिए पूरी जानकारी के बिना प्लान करना असंभव है. मैं आशा करता हूं कि महाराष्ट्र सरकार हमारे इन श्रमिकों के लाभ के लिए किए गए प्रयास में पूरा सहयोग करेगी.’

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