शनिवार, 20 जून 2026 · नई दिल्ली
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आँखों से संबंधित मायोपिया बीमारी क्या है और इसका आयुर्वेदिक उपचार ?

मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) तब होता है जब आंख की पुतली लंबी हो जाती है या कॉर्निया की वक्रता बढ़ जाती है, जिससे दूर की चीजें धुंधली दिखती हैं।

आँखों से संबंधित मायोपिया बीमारी क्या है और इसका आयुर्वेदिक उपचार ?

वर्तमान समय में हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है. वैसे तो बाजार में कई तरह की दवाएं उपलब्ध है. लेकिन पिछले कुछ समय से देखने को मिला है कि लोगों का भरोसा आयुर्वेदिक दवाओं पर बढ़ा है. यहीं कारण है कि किसी भी बीमारी के बारे में लोगों पहले आयुर्वेदिक इलाज ढुँढ़ते हैं.

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इसी तरह का एक सवाल जो आमतौर पर लोगों के मन में होता है कि आँखों से संबंधित मायोपिया बीमारी क्या है और इसका आर्वेदिक उपचार ? अगर आपके मन में भी ऐसा ही सवाल है, तो इस पोस्ट में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.

मायोपिया
मायोपिया बीमारी

मायोपिया बीमारी क्या –

किसी भी बीमारी के इलाज के बारे में जानने से पहले हमारे लिए उस बीमारी के बारे में जानना बहुत जरूरी होता है. मायोपिया की बात करें, तो इसे में निकट दृष्टि दोष भी कहते हैं. यह तब होता है, जब हमारी आंख की पुतली बहुत लंबी हो जाती है या फिर कार्निया की वक्रता बढ़ जाती है. ऐसी स्थिति में हमारी आंख में जो रोशनी प्रवेश करती है, वह फोकस नहीं होती है.

जिसके कारण प्रतिबिंब रेटिना के थोड़ा आगे फोकस करता है. इसकी वजह से हमारी नजर धुंधली हो जाती है. ऐसी स्थिति में हमें निकट की तो सभी वस्तुएं साफ दिखाई देती हैं. लेकिन दूर की वस्तुओं को हमारी आंखे साफतौर पर नहीं देख पाती हैं.

मायोपिया बीमारी क्या है
आयुर्वेद

मायोपिया बीमारी के लक्षण –

जब भी हमारा शरीर किसी बीमारी से प्रभावित होता है, तो ऐसे में हमें कुछ लक्षण दिखाई देते हैं. अगर हम समय पर उन लक्षणों को समझ लेते हैं तथा बीमारी का इलाज कराते हैं, तो वह बीमारी ठीक होने के संभावना बढ़ जाती है. अगर लक्षणों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम भी हमारे सामने आ सकते हैं. अगर मायोपिया बीमारी के लक्षणों की बात करें, तो इसके निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं-

नजदीक की वस्तुएं तो साफ दिखाई देते हैं, लेकिन दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं.

पलकों का बार बार झपकना.

टीवी देखते समय उसके बिल्कुल पास बैठना.

आंखों पर अधिक दबाव पड़ने से सिर दर्द होना.

किताबों को पढ़ते समय बहुत करीब से देखना इत्यादि.

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मायोपिया का आयुर्वेदिक इलाज -

इस बीमारी लिए चश्में का प्रय़ोग करते हैं, तो उसमें अवतल लैंस का प्रयोग किया जाता है. अगर इसके आयुर्वेदिक इलाज की बात करें, तो त्रिफला का प्रय़ोग फायदेमंद साबित हो सकता है. त्रिफला आंखों की रौशनी बढ़ाती है. इससे आंखों की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं.

एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को एक ग्लास पानी में मिलाएं, रात भर रखें. फिर सुबह छानकर खाली पेट पी लें.इसके अलावा जब संतुलित आहार लें. अगर पढाईं करते हैं, तो कुछ समय बाद आंखों को आराम जरूर दें.

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KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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