Thursday, August 13, 2020
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जब तिग्मांशु धूलिया ने पूरा किया था इरफान खान को दिया हुआ अपना ये वादा

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नई दिल्ली: बिना किसी गॉडफादर के बॉलीवुड में जगह बनाना मुश्किल बेशक है, मगर नामुमकिन नहीं. बॉलीवुड के जाने माने निर्माता निर्देशक, एक्टर और स्क्रीन राइटर तिग्मांशु धूलिया (Tigmanshu Dhulia) भी उन्हीं कुछ लोगों में से एक हैं, जिन्होंने अपने टैलेंट के बलबूते इंडस्ट्री में अपनी जगह स्थापित की है. उनके जन्मदिन के मौके पर जानिए उनके बारे में कुछ खास बातें.

3 जुलाई 1967 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर में जन्मे तिग्मांशु धूलिया (Tigmanshu Dhulia) आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनके पिता हाईकोर्ट में जज और मां संस्कृत की प्रोफेसर थीं. तिग्मांशु की पढ़ाई में काफी रुचि थी और उनकी शुरुआती पढ़ाई प्रयागराज (इलाहाबाद) से ही हुई थी. साल 1986 में इतिहास में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लिया था. वहां वे दिवंगत अभिनेता इरफान खान (Irrfan Khan) के जूनियर थे और बाद के सालों में दोनों की दोस्ती काफी परवान भी चढ़ी थी.

एनएसडी में रहने के दौरान ही तिग्मांशु और इरफान खान के बीच काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी. काम न मिलने से मायूस होकर जब इरफान मुंबई छोड़कर जा रहे थे, तब तिग्मांशु ने ही उन्हें रोका था. सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने इरफान की काबिलियत पर विश्वास जताकर उन्हें अपनी पहली फिल्म में ब्रेक देने का वादा भी किया था. फिर तिग्मांशु ने उन्हें न सिर्फ अपनी पहली फिल्म ‘हासिल’ में कास्ट किया था, बल्कि उसके बाद भी इरफान के साथ काम करते रहे और अंत तक अपनी दोस्ती निभाते रहे.

बॉलीवुड का सफर
बॉलीवुड में अपनी सशक्त जगह बनाने के लिए तिग्मांशु को काफी मेहनत करनी पड़ी. उन्होंने ‘बैंडिट क्वीन’ और ‘द वॉरियर’ जैसी फिल्मों के लिए बतौर कास्टिंग डायरेक्टर काम किया था. फिल्म ‘हासिल’ का निर्देशन करने से पहले उन्होंने ‘सरदार’ और ‘इलेक्ट्रिक मून’ फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर अपना मुकाम हासिल करना शुरू कर दिया था. फिल्म ‘हासिल’ में उन्होंने अपने एनएसडी के समय के दोस्त इरफान खान के साथ ही जिम्मी शेरगिल और हर्षिता भट्ट को भी कास्ट किया था.

इतने मिले पुरस्कार
तिग्मांशु धूलिया की फिल्मों को न सिर्फ पसंद किया जाता रहा, बल्कि उन्हें कई पुरस्कारों से भी नवाजा गया. साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. फिल्मों का निर्देशन करने के साथ ही उन्होंने कई फिल्मों में एक्टिंग कर अपने अभिनय कौशल का लोहा भी मनवाया है. फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में उनके द्वारा किए गए अभिनय को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. उन्होंने ‘शाहिद’, ‘साहेब, बीवी और गैंगस्टर’, ‘तेवर’, ‘जीरो’ जैसी फिल्मों के अलावा ‘फिक्सर’ नामक वेबसीरीज में भी काम किया है.

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