कौन से मौलाना ने निजामुद्दीन मरकज जमात का आयोजन करवाया था

जाने निजामुद्दीन मरकज जमात का आयोजन कराने वाले मौलाना साद को ?
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कौन से मौलाना ने निजामुद्दीन मरकज जमात का आयोजन करवाया था

कोरोना वायरस का कोहराम जारी है , देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण की तादाद लगभग 2 हज़ार तक पहुंच चुकी है। देश भर में सम्पूर्ण लॉक डाउन का फरमान जारी कर दिया गया है , उसके बाद भी कुछ लोगो के बीच कोरोना के सन्दर्भ में गंभीरता नज़र नहीं आरही है।

जहां पूरा देश कोरोना से बचने के लिए आपने अपने घरों में बैठ SOCIAL DISTANCING का पालन कर रहा है उसी बीच दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज यानी इस्लामिक धार्मिक आयोजन केंद्र में कोरोना वायरस संक्रमण का मामला सामने आने से देश भर में हड़कंप मच गया है।

आपको बताना चाहेंगे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज में मौजूद 253 संदिग्ध मरीज तीन अस्पतालों में भर्ती करवाए गए थे। वहीं, 1,500 अन्य लोग मरकज में ही क्वारंटीन किए गए हैं। मरकज में कोरोना वायरस के संक्रमण की खबर मिलने के बाद मौलाना साद पर सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

खबर है कि दिल्ली पुलिस ने महामारी अधिनियम 1897 और आईपीसी की दूसरी धाराओं के तहत मौलाना साद समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया हाय है।

अखिर कौन है मौलाना साद जिनका नाम इस विवाद से जोड़ा जा रहा है ? यह सवाल आपके मन में भी उठ रहा होगा , तो हम आपको बताना चाहेंगे कि मौलाना साद का पूरा नाम मौलाना मुहम्मद साद कांधलावी है। मौलाना साद का जन्म दिल्ली में 1965 को हुआ था।

मौलाना साद की शुरुआती पढ़ाई मदरसा काशिफुल उलूम, हजरत निजामुद्दीन में हुई और इसके बाद उन्होंने सहारनपुर से आलमियत की डिग्री हासिल की। 1995 में तब्लीगी जमात के सर्वेसर्वा मौलाना इनामुल हसन के निधन के बाद मौलाना साद ने खुद को संगठन का अमीर यानी सर्वेसर्वा घोषित किया और मरकज की जिम्मेदारी संभाली ।

तब्लीगी जमात भारतीय उपमहाद्वीप में सुन्नी मुसलमानों का सबसे बड़ा संगठन है।

ऐसा पहली बार नहीं है जब तब्लीगी जमात विवाद का पात्र बने हो , इससे पहले साल 2017 के करीब जमात को दो दल में बांट दिया गया था। पुरानी तब्लीगी जमात के मुखिया के रूप में मौलाना साद को खुद को घोषित किया, वहीं दूसरी जमात 10 लोगों के साथ सूरा कमेटी बन गई है जो कि दिल्ली के तुर्कमान गेट पर मस्जिद फैज-ए-इलाही से अपनी अलग तब्लीगी जमात चलाती है।

मस्जिद फैज-ए-इलाही नाम की जमात में मौलाना इब्राहीम, मौलाना अहमद लाड और मौलाना जुहैर जैसे इस्लामिक स्कॉलर जुड़े हैं। कोरोना के संक्रमण को लेकर मस्जिद फैज-ए-इलाही ने एक मार्च को ही तब्लीगी जमात के आयोजन को रद्द कर दिया था।

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जहां भारतवर्ष में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए मुहीम जारी है। देश का हर के सच्चा नागरिक केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ सहयोग कर रहा है वही एक मौलाना की गैर – जिम्मेवार हरकत ने पूरे देश को मुसीबत में डाल दिया है।