Thursday, August 13, 2020
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जनता से चंदा मांगने से पहले क्यों न सरकार पहले राजनितिक पार्टियों से चंदा मांगे

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कोरोना वायरस का कोहराम दुनियाभर में छाया हुआ है , भारत में भी कोरोना वायरस की चपेट में लगभग लाखो लोग आ गए है। देश में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे भारत वर्ष में संपूर्ण लॉक डाउन के निर्देश दे दिए गए है। केंद्र सरकार ने कोरोनोवायरस के प्रकोप को मद्देनजर प्रधानमंत्री के नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति फंड (पीएम-CARES) में राहत के नाम से एक सार्वजनिक ट्रस्ट की स्थापना की है।

कई लोगो ने PM-CARES फंड में दान किया है, आपको बताना चाहेंगे की सेलिब्रिटीज से लेकर बड़े -बड़े उद्योगपति ने कोरोना वायरस से पीडित लोगो की मदद के लिए डोनेशन दिया है। टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स ने इस कारण के लिए 1,500 करोड़ रुपये का योगदान करने का वादा किया है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मुंबई में भारत का पहला COVID-19 अस्पताल खोलने के अलावा 5 करोड़ रुपये का प्रारंभिक योगदान दिया है। इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने पीएम-केआरईएस फंड को 150 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने घोषणा की कि वह PM-CARES को 25 करोड़ रुपये का दान देंगे।

जहां केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जनता से कोरोना वायरस से देश को बचाने की अपील की जा रही है, जहां सरकार कोरोना वायरस पीडितों की मदद के लिए चंदे के अपील की जा रही है , जहां पूरे भारतवर्ष से यह विनती की जा रही है, वही लोग इस अपील को मानते हुए कोरोना वायरस के कारण देश में हो रहे नुकसान के सन्दर्भ में अपने -अपने स्तर पर डोनेट कर रहे है लेकिन क्या आपको पता है जो सरकार आम जनता से यह अपील कर रही है वही खुद उनके नेता ने अपनी निजी संपत्ति से कोरोना वायरस के पीड़ित के लिए कितने पैसे डोनेट किये है?

अगर सभी लोग सरकार को समय पर और सही से टैक्स दें तो सरकार के पास जनता के पर्याप्त पैसा होगा। क्योंकि लोग टैक्स चोरी करते हैं इसलिए सरकार के पास कुछ लोगों से जो टैक्स आता है वह देश के विकास में लग जाता है। सरकार के पास आपदा के समय जनता की सेवा करने के लिए सरकारी खजाने में पैसा नहीं होता है। इसके अलावा सरकार यह पैसा जनता से जबरदस्ती नहीं मांगती है। अगर आपकी क्षमता है , तो आप देश के विकास के लिए डोनेशन दे सकते आपसे जबरन फंड नहीं मांगती है। इस तरह से आप टैक्स के अलावा भी सरकार को पैसा देकर देश सेवा का धर्म निभा सकते हो।

कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए बने केंद्रीय फंड के लिए भारतीय जनता पार्टी के सभी सांसद अपने वार्षिक विकास फंड से एक करोड़ रुपये जारी करेंगे। पार्टी अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को ट्विटर पर इसकी घोषणा की। उन्‍होंने कहा क‍ि पार्टी के सभी सांसद और विधायक अपने एक महीने का मानदेय/वेतन भी इस कोष में दान करेंगे। बीजेपी के 386 सांसद हैं- 303 लोकसभा में और 83 राज्‍यसभा में। हर सांसद को अपने क्षेत्र के विकास के लिए हर साल 5 करोड़ रुपये मिलते हैं। लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला ने भी सभी सांसदों से अपील की है कि वे अपनी सांसद निधि से एक करोड़ रुपये COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में दें।

यह भी पढ़ें :कैसे फिटकरी के उपयोग से कोरोना वायरस के खतरे से बचा जा सकता है

आपको बताना चाहेंगे की यह पैसे सांसद अपने निजी संपत्ति से नहीं बल्कि सांसद निधि योजना द्वारा दे रहे है। सांसद निधि योजना केंद्र सरकार द्वारा चलायी गयी योजना है जिसमें सांसदों (लोक सभा, राज्य सभा और मनोनीत) को अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए प्रतिवर्ष वितीय सहायता दी जाती है। सांसद निधि योजना की शुरुआत 23 दिसंबर 1993 को पी. वी. नरसिंहा राव के प्रधानमन्त्री रहते शुरू किया गया था।

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