योगी सरकार ने प्रवासियों को घर पहुंचाने के लिए प्रियंका गांधी के 1000 बसें चलवाने का प्रस्ताव माना,ड्राइवरों की डिटेल मांगी

योगी सरकार ने प्रवासियों को घर पहुंचाने के लिए प्रियंका गांधी के 1000 बसें चलवाने का प्रस्ताव माना,ड्राइवरों की डिटेल मांगी

योगी सरकार ने प्रियंका गांधी से 1 हजार बसों और ड्राइवर की डिटेल मांगी है.

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Adityanath Government) ने  प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) का प्रवासी मज़दूरों के लिए 1000 बसें चलाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. एडिशनल चीफ सेक्रेट्री अवनीश अवस्थी ने प्रियंका गांधी के निजी सचिव को पत्र लिख कर 1000 बसों के नंबर और उनके ड्राइवरों की लिस्ट मांगी है. आपको बता दें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया कि वह प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस को राज्य की सीमा पर तैयार रखी गईं बसों के परिचालन की अनुमति प्रदान करें.  उन्होंने उत्तर प्रदेश के औरैया में सड़क हादसे में 24 प्रवासी मजदूरों की मौत और 36 अन्य के घायल होने के एक दिन बाद टि्वटर पर वीडियो संदेश के माध्यम से यह आग्रह किया. कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने दावा किया, ‘कल हमने 1000 बसों का सहयोग देने की बात की, बसों को उप्र बॉर्डर पर लाकर खड़ा किया तो उप्र सरकार को राजनीति सूझती रही और हमें अनुमति तक नहीं दी.’प्रियंका ने आरोप लगाया, ‘विपदा के मारे लोगों को कोई सहूलियत देने के लिए सरकार न तो तैयार है और कोई मदद दे तो उसे लेने से इंकार कर रही है.’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘आदरणीय मुख्यमंत्री जी, मैं आपसे आग्रह करती हूं, यह समय राजनीति करने का नहीं है। हमारी बसें सीमा पर खड़ी हैं। हजारों मजदूर और प्रवासी भोजन-पानी के बिना तथा तमाम परेशानियों के बावजूद अपने घरों की ओर पैदल जा रहे हैं.’

वहीं उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ काबीना मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर प्रवासी कामगारों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह ओछी सियासत कर रही हैं.  सिंह ने रविवार को यहां एक बयान में कहा “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्टी प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है. प्रियंका उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसें भेजने की बात कर रही हैं. इससे जाहिर होता है कि उन्हें वस्तुस्थिति की जानकारी ही नहीं है और वह केवल ओछी राजनीति कर रही हैं.

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